September 1, 2026

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मलबे में दफन हो गईं तीन जिंदगियां,मां-बेटी और बेटे की मौत

रात दो बजे भूस्खलन ने उजाड़ा परिवार,बड़े पत्थरों के साथ मकान में घुसा मलबा

अल्मोड़ा। सोमेश्वर तहसील के वडयूड़ा गांव में सोमवार देर रात आई आपदा ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। रात करीब दो बजे घर के पीछे अचानक हुए भूस्खलन के बाद पहाड़ से आया मलबा और भारी पत्थर मकान की दीवारें तोड़ते हुए कमरों में जा घुसे। हादसे में प्रेमा देवी (42), उनकी बेटी कल्पना आर्य (19) और बेटे मनीष कुमार (18) की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं, घर के दूसरे कमरे में सो रहे बुजुर्ग गुलाब राम ने खतरा भांपकर बाहर भागकर अपनी जान बचा ली। सुबह जब राहत एवं बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर तीनों के शव बाहर निकाले तो घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जिस घर में सोमवार शाम तक परिवार के लोग साथ थे, वहां सुबह मातम पसरा था। तीनों शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए बेस अस्पताल लाया गया, जहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। बताया गया कि रोज की तरह सोमवार देर शाम खाना खाने के बाद गुलाब राम, उनकी बहू प्रेमा देवी, पोती कल्पना और पोता मनीष अपने अपने कमरों में सोने चले गए थे। गुलाब राम अलग कमरे में सो रहे थे, जबकि प्रेमा देवी और दोनों बच्चे दूसरे कमरों में थे। रात करीब दो बजे घर के पीछे अचानक भूस्खलन हुआ। तेज आवाज सुनकर गुलाब राम की नींद खुल गई। उन्होंने खतरा भांपते हुए तत्काल घर से बाहर निकलने का प्रयास किया। वह दूसरे कमरे में सो रहे परिवार के सदस्यों को जगाने के लिए पहुंच पाते, इससे पहले ही पहाड़ से आया मलबा और बड़े बड़े पत्थर मकान की दीवारों को तोड़ते हुए अंदर जा घुसे। कुछ ही क्षणों में तीनों मलबे के नीचे दब गए। गुलाब राम किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हादसे के बाद बुजुर्ग गुलाब राम किसी तरह पास के घरों तक पहुंचे और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद रात में ही ग्रामीण मौके पर जुटने लगे। हालांकि भारी मात्र में मलबा और बड़े पत्थर जमा होने के कारण राहत कार्य शुरू करना बेहद मुश्किल था। ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद एसडीआरएफ और आपदा राहत टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। राहत एवं बचाव टीमों ने पहुंचते ही मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सबसे पहले प्रेमा देवी का शव बरामद किया गया। इसके बाद उनकी बेटी कल्पना और बेटे मनीष के शव भी मलबे से बाहर निकाले गए। तीनों की मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि गुलाब राम के बेटे राजेंद्र राम दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। उन्हें हादसे की सूचना दे दी गई है और वह अल्मोड़ा के लिए रवाना हो चुके हैं। हादसे की खबर के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पॉल ने बताया कि तीनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण आसपास के कुछ अन्य भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। एहतियात के तौर पर ऐसे परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।

दीवार ढहने से दो नेपाली मजदूरों की मौत

अल्मोड़ा। धार की तुनी क्षेत्र में मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में दीवार के मलबे में दबने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया कि निर्माण कार्य के दौरान अचानक दीवार गिरने से दोनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से घटनास्थल का जायजा लिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। राहत एवं बचाव दल के साथ संबंधित अधिकारी आगे की आवश्यक कागजी और विधिक कार्रवाई में जुटे हैं।

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