धमकी और तुष्टीकरण का दौर खत्म, होगी सख्त कार्रवाईः धामी
खटीमा। रुद्रपुर में सरकार के विरुद्ध कथित तौर पर भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को लोहियाहेड में संक्षिप्त प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में धमकी और तुष्टीकरण का दौर अब समाप्त हो चुका है। इस तरह के बयान देकर समाज में भय या दबाव का वातावरण बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार संविधान और कानून के अनुसार काम कर रही है। संवैधानिक मान्यताओं और संविधान में किए गए प्रावधानों के अनुरूप ही सरकार की नीतियां और कार्रवाई आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। यदि कोई व्यक्ति धमकी देने अथवा भड़काऊ बयान देने का काम करता है तो प्रशासन ऐसे व्यक्ति को चिर्ििंत कर उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। लोहियाहेड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस विचारधारा की बात कर रहे हैं जो अतिक्रमण करती है और भारत के संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की विचारधारा के माध्यम से धमकी देने का काम किया जाता है। अब ऐसा दौर नहीं है जब लोग धमकी देकर दबाव बनाते थे और वोटों के चक्कर में तुष्टीकरण किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वोट बैंक के कारण कई मामलों को सहन किया जाता था और डेमोग्राफिक बदलाव जैसे विषयों पर भी कोई बात नहीं होती थी। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। प्रदेश में कानून का शासन सर्वाेच्च है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में व्यवस्था और कानून का राज स्थापित हुआ है। संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि भड़काऊ अथवा धमकी भरे बयान देने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वाले व्यक्ति को प्रशासन ढूंढेगा और उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और सभी लोगों के लिए समान रूप से कानून का पालन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान रुकने वाला नहीं है। सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
