September 1, 2026

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धामी सरकार का कड़ा रुख: 200 से ज्यादा मदरसों पर ताला डालने की तैयारी

रुद्रपुर में मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर सरकार ने डाला ताला
देहरादून। उत्तराखंड में धामी सरकार ने उन सभी मदरसों पर ताला डालने के निर्देश जारी कर दिए है जोकि उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अधीन चल रहे थे,अब राज्य में वही मदरसे चलेंगे जोकि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त होंगे। धामी सरकार के ताजा निर्देशों से ढाई सौ से ज्यादा मदरसों पर सीलिंग के ताले लटक जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी स्पष्ट कर चुके है कि देवभूमि में कट्टðरवादी काबलियाई शिक्षा नहीं देने दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रुद्रपुर नगर में जश्न ए मोहम्मदी जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर मुफ्रती मौलवियों ने धामी सरकार को मदरसे बंद करने पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी जिसे वीडियो देश विदेश में वायरल हुए थे। बाद में पुलिस प्रशासन ने मुफ्रती को रामपुर से गिरफ्रतार कर लिया था और अगले दिन बिगड़े बोल बोलने वाले मुफ्रती मुजीब के मदरसे पर जिला प्रशासन ने ताला डाल कर सील कर दिया। जिला प्रशासन ने बताया कि मदरसा बिना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की मान्यता के चल रहा था और नए नियमों कानूनो का पालन नहीं कर रहा था। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म करके अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बना दिया है और मदरसों को प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य है। धामी सरकार की इस सख्ती के खिलाफ मुस्लिम उलेमा मौलाना मुफ्रती लामबंद हो रहे है और बयान जारी कर रहे है। अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने बताया कि 452 मदरसे ,पूर्व में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड में पंजीकृत थे जिन्हें अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में मान्यता लेनी है ,जो मान्यता नहीं लेंगे वो बंद किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि करीब दो सौ मदरसों के ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए है उनका स्पॉट सर्वे कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के साथ साथ उन्हें उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से भी अपने आप को संबद्ध करते हुए बच्चों को राष्ट्रीय शिक्षा पाठड्ढक्रम पढ़ाना है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रोफ. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि उन्हीं मदरसों को मान्यता मिलेगी जोकि अपने दस्तावेज पूरा करके देंगे,जैसे भवन का स्वरूप क्या है,एक कमरे में कितने बच्चों के बैठने की जगह है, बिजली पानी शौचालय की क्या व्यवस्थाएं है, मदरसे के संचालक को अपने बैंक खाते की जानकारी भी साझा करनी पड़ेगी कि उन्हें कौन कौन मदद कर रहा है। श्री गांधी ने कहा धार्मिक शिक्षा कैसी दी जानी है उसका पाठड्ढक्रम भी प्राधिकरण तय करेगा। अब प्राधिकरण में केवल इस्लामिक संस्थाएं ही नहीं होंगी बल्कि सिख,बौद्ध ,ईसाई संस्थाएं भी शामिल होंगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्पष्ट कह चुके है कि देवभूमि में काबिलाई शिक्षा का कोई स्थान नहीं और न ही मुल्लावादी सोच यहां पनपने दी जाएगी। कट्टðरपन फैलाने वाले मौलवी साहब को जेल भेज दिया है और कानून अपना काम कर रहा है, उन्होंने कहा कि सरकार जो नियम कानून बनाती है उसका पालन हर हाल में कराया जायेगा।
रुद्रपुर में मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर सरकार ने डाला ताला
रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर धामी सरकार को मदरसे बंद करने पर बिगड़े बोल बोलने वाले मुफ्रती मुजीब के मदरसे पर जिला प्रशासन ने ताला डाल दिया। जिला प्रशासन ने बताया कि मदरसा बिना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की मान्यता के चल रहा था । उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म करके अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बना दिया है और मदरसों को प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य है। धामी सरकार की इस सख्ती के खिलाफ ही मौलाना मुफ्रती लामबंद हो रहे है। उधम सिंह नगर जिले में 118 मदरसे है, जिसमें से पांच पहले ही बंद हो चुके हैं, 60 ने अभी तक आवेदन नहीं किया है शेष ने मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने बताया कि मौलाना मुफ्रती मुजीब उधम सिंह नगर में बोल रहे थे उनका मदरसा फैजुल मुस्तफा है उसमें वह प्राचार्य है और यह मदरसा भी मान्यता प्राप्त नहीं है जिसे सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मदरसा जामियातुल हसनात है यह जाहिद राजा का है वो भी सील किया गया है, इनके पास मान्यता के।आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने बताया कि 452 मदरसे ,पूर्व में बोर्ड ने पंजीकृत थे जिन्हें अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में मान्यता लेनी है ,जो मान्यता नहीं लेंगे वो बंद किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि करीब दो सौ मदरसों आवेदन प्राप्त हुए है उनका स्पॉट सर्वे कराया जा रहा है।

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