October 18, 2026

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मुख्यमंत्री ने चंपावत में 98.18 करोड़ की 20 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

चंपावत (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना भी अपनी जिम्मेदारी मानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से उत्तराखंड में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश का समेकित विकास सरकार की प्राथमिकता है और इसी दिशा में चंपावत को आदर्श जनपद बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जो कहा है, उसे करके भी दिखाया है। कुल 4621 घोषणाओं में से अब तक 2852 पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष घोषणाओं को भी धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री ने यह बात आज चंपावत में 98-18 करोड़ रुपये की लागत वाली 20 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के दौरान कही। इनमें 67-24 करोड़ रुपये की 11 योजनाओं का लोकार्पण और 30-94 करोड़ रुपये की नौ योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे। चंपावत पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान छोलिया नृत्य की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाना है। सड़कों के सुधार से ग्रामीण क्षेत्रें में आवागमन आसान होगा, महिला छात्रवास के निर्माण से छात्रओं को आवासीय सुविधा मिलेगी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण संसाधनों के विस्तार से युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। सार्वजनिक स्थलों के विकास से जिले की सुंदरता और सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने 67-24 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 11 योजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें चंपावत के नागार्जुन पार्क का विस्तार और सौंदर्यीकरण, शवदाह गृह में विद्युत शवदाह, गैस भट्टðी अथवा पारंपरिक विधि से अंतिम संस्कार की व्यवस्था तथा टनकपुर क्षेत्र के टकनागूंठ डांडामंडला और सिटी न्याड़ी मोटर मार्गों से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। लोहाघाट क्षेत्र में रौंसाल दुंगराखोला चकसिलकोट और मरौड़ाखान छेड़ा असबाड़ मोटर मार्गों के उच्चीकरण के कार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा सर्किट हाउस के विस्तारीकरण, उच्चीकरण और अनुरक्षण पर 11-41 करोड़ रुपये, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंपावत में कार्यशाला और तकनीकी प्रयोगशाला के निर्माण पर 6-76 करोड़ रुपये तथा कलक्ट्रेट के अपूर्ण प्रशासनिक भवन के निर्माण पर 3-46 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। दूरस्थ और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रें में वायरलेस नेटवर्क की स्थापना तथा टनकपुर में 98 बिस्तरों वाले महिला छात्रवास का निर्माण भी योजनाओं में शामिल है। शिलान्यास की गई नौ योजनाओं में जिले के विभिन्न गांवों में चेन लिंक बाड़ लगाने के लिए 14-90 करोड़ रुपये, देवामार में बहुस्तरीय पार्किंग के निर्माण के लिए 9-80 करोड़ रुपये, राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत में चार कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 1-28 करोड़ रुपये और छतार में कुमाऊंनी शैली के घंटाघर के निर्माण के लिए 1-11 करोड़ रुपये की योजना शामिल है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रें में सौर ऊर्जा से संचालित सड़क बत्तियां लगाने पर 1-65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बनबसा के चूना भट्टðा स्थित स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन करम चंद स्टेडियम में तीन कार्यों पर 68 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें 28 लाख रुपये से दर्शकदीर्घा, 20 लाख रुपये से चारदीवारी और 20 लाख रुपये से पहुंच मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 1-50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया जाएगा। इन चारों कार्यों की कुल लागत 2-18 करोड़ रुपये बताई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने से चंपावत में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। सड़कें बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रें की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं बढ़ेंगी तथा पार्क, घंटाघर और अन्य सार्वजनिक स्थलों के विकास से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार चंपावत को आदर्श जनपद बनाने के लक्ष्य के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

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