बड़ी खबर..इंडिया गेट से अंकिता के माता-पिता गिरफ्तार, उत्तराखंड में बढ़ सकता है आक्रोश
सुबह करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली/देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह व माता सोनी देवी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर इंडिया गेट परिसर से हटा दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। हालांकि, पुलिस ने दोनों को वहां से हटा दिया। इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि और हिरासत के कारणों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है। अंकिता के माता-पिता की हिरासत की खबर से उत्तराखंड में आक्रोश बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पहले से ही प्रदेश में आवाज उठती रही है। अब दिल्ली में धरने के दौरान हुई इस कार्रवाई ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
सीबीआई जांच को लेकर भाजपा पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच में कथित देरी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार कथित वीआईपी से जुड़े सवालों पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता की भावनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अंकिता के माता-पिता लंबे समय से अपनी बेटी को न्याय दिलाने और हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और मामले से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिलते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रियंका गांधी ने उठाए न्याय को लेकर सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने अंकिता के माता-पिता के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि वे पिछले चार वर्षों से देहरादून से दिल्ली तक न्याय के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी और अपने परिवार की मदद करना चाहती थी, लेकिन उसकी बर्बरता से हत्या कर दी गई। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि जिन माता-पिता की पूरी दुनिया उजड़ गई, क्या वे अपनी बेटी के लिए न्याय मांगकर कुछ ज्यादा मांग रहे हैं? क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक बेटी को न्याय नहीं मिल सकता?
महेंद्र भट्ट बोले- पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील है सरकार
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, संवेदनशील शासन और कानून के प्रति जनता के विश्वास से भी जुड़ा विषय है।महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में मुख्यमंत्री की ओर से की गई पहल सरकार की जवाबदेही और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अंकिता के माता-पिता की मांग पर मामले की पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता को बदला गया। इसके अलावा मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी की गई।सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही परिवार के सदस्यों को रोजगार दिलाने के लिए भी कदम उठाए।
न्याय की मांग पर टिकी निगाहें
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में व्यापक जनाक्रोश पैदा किया था। अब दिल्ली में धरने के दौरान उसके माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी, हिरासत के कारण और माता-पिता की मौजूदा स्थिति की पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में इन पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।


