October 6, 2026

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दिमागी बुखार से पीड़ित महिला की उपचार के दौरान हुई मौत : चिकित्सकों पर लगाया उपचार में लापरवाही का आरोप

रूद्रपुर (उद संवाददाता)। किच्छा मार्ग पर फ्लाई ओवर के समीप स्थित निजी चिकित्सालय में दिमागी बुखार से पीड़ित एक महिला की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने और जबरन वेंटीलेटर में रखकर वसूली करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका यह भी आरोप है कि बिना परिजनों का इंतजार किया शव को एम्बुलेंस में रखकर चिकित्सालय से दूर ले जाकर वाहन खड़ा कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि प्रतापपुर नम्बर 7 निवासी खेत में काम करने वाले गरीब व्यक्ति भोला चौधरी की पत्नी 26 वर्षीय नीतू चौधरी जो दिमागी बुखार से पीड़ित थी का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। जहां सिटी स्केन कराने पर दिमाग की नस में सूजन होना बताया गया। जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए नीतू को किच्छा मार्ग में एक निजी चिकित्सालय में 29 सितम्बर को भर्ती कराया गया। उनका कहना था कि वहां तीन दिन तक केवल दवा ही दी गई कोई जांच नहीं कराई गई। जब डाक्टर से कहा गया तो बताया गया कि एमआरआई रूम खाली नहीं है। साथ ही मरीज के ठीक होने का भरोसा भी देते रहे। परिजनों का आरोप है कि बार बार कहने पर तीन दिन बाद जब जांच की गई तो उन्हें बताया गया कि सिर में गांठ है जिसमें कीड़े हो गये हैं और इसका सारे शरीर में इन्फेक्शन हो रहा है। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। दवा के नाम पर रोजाना हजारों रूपयों की दवायें मंगवाते रहे। उनका कहना था कि पिछले तीन दिन से वह डाक्टर से कह रहे थे कि उनके मरीज का हाथ ठंडा है परंतु डाक्टर कह रहे थे कि यदि मरीज को वेंटीलेटर से हटाया गया तो इसकी मौत हो जायेगी और कुछ न कुछ कहकर उन्हें टाल रहे थे। नीतू के इलाज में करीब 3-50 लाख रूपये का खर्च हो चुका था। परिजनों ने बताया कि आज डाक्टर ने उन्हें कहा कि उनके मरीज की मौत हो गई है शव को ले जाओ। उन्हें कहा गया कि परिजनों को आने दो शव ले जाते हैं। परंतु डाक्टरों ने परिजनों के आने का इंतजार किये बिना शव एम्बुलेंस में रखकर चिकित्सालय से दूर ले जाकर वाहन खड़ा कर दिया। रोषित परिजनों का कहना था कि नीतू के उपचार में भारी लापरवाही बरती गई है। उसकी मौत हो जाने के बाद भी उसे तीन दिन तक बिना वजह वेंटीलेटर पर रखकर अवैध वसूली की गई। मृतका नीतू के 4 वर्ष व तीन माह के दो बच्चे हैं। चिकित्सालय प्रबंधन नीतू के उपचार में व्यय किये गये 3-50 लाख रूपये वापस कर उसके बच्चों के नाम पर बैंक में एफडी के रूप में जमा करवाये अ।ैर उनकी परवरिश का जिम्मा ले। परिजनों ने बताया कि खेड़ा निवासी नीतू का वर्ष 2021 में प्रतापपुर नम्बर 7 निवासी भोला चौधरी से विवाह हुआ था। झोपड़ी में रहने वाला भोला स्वयं भी दिमागी बुखार से पीड़ित है और उसका भी उपचार चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता कर शांति बनायें रखने को कहा। वहीं चिकित्सालय द्वारा उपचार में किसी तरह की लापरवाही बरतने के आरोपों को नकार दिया गया है।

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