साथियों, चुनौती बड़ी है…कांग्रेस को वापस लाना है! खींचतान के बीच हरदा ने शुरू की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’
जसपुर से किया बदलाव का आह्वान, यात्रा आने वाले दिनों में कुमाऊं के अन्य क्षेत्रों से होते हुए हल्द्वानी तक पहुंचेगी
जसपुर। उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सियासी सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी हाईकमान की नाराजगी के बावजूद रावत ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को जसपुर से अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ का शुभारंभ किया। हरीश रावत ने लोगों से जसपुर से हल्द्वानी तक यात्रा में जुड़ने की अपील की और कहा कि उत्तराखंड में बदलाव लाना है और कांग्रेस को फिर सत्ता में लाना है। यात्रा के दौरान उन्होंने प्रदेश में बदलाव का आह्वान करते हुए कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने का संकल्प दोहराया।जसपुर स्थित हीरा गार्डन से यात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हरीश रावत का फूल-मालाओं से स्वागत किया। रावत ने जनसमर्थन के लिए लोगों का आभार जताते हुए कहा कि जसपुर का स्नेह और विश्वास उनके लिए भावुक कर देने वाला है। उन्होंने कहा कि जनता का यह अपनापन यात्रा को नई ऊर्जा और ताकत दे रहा है। यात्रा के दौरान सुभाष चौक पहुंचकर हरीश रावत ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, जसपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व सांसद (लोकसभा एवं राज्यसभा) प्रदीप टम्टा, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, धारचूला विधायक हरीश धामी, पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक तिलकराज बेहड़ समेत पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरीश रावत अपने फैसले पर कायम हैं। यात्रा शुरू होने से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि साथियों, चुनौती बड़ी है। लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए हमारा संकल्प भी दृढ़ है! ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के इस दौर में अब रुकना नहीं है। उठो, चलो… राज्य में बदलाव लाना है और कांग्रेस को वापस लाना है!चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए उनका संकल्प भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने कहा कि अब यात्रा रुकने वाली नहीं है।
यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर एक बार फिर मतभेद
हरीश रावत की यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर एक बार फिर मतभेद सामने आए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने रावत को पत्र लिखकर यात्रा को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इसके बावजूद रावत अपने फैसले पर कायम रहे और यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा शुरू होने से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर जारी संदेश में रावत ने कहा कि चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए उनका संकल्प भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने समर्थकों से जसपुर से हल्द्वानी तक यात्रा में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अब रुकना नहीं है और प्रदेश में बदलाव लाना है।

चुनावी टीम से बाहर किए जाने के बाद बढ़ी सक्रियता
आगामी विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले हरीश रावत को पार्टी की चुनावी टीम से बाहर रखे जाने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। इसके बाद रावत ने संगठन के निर्धारित कार्यक्रमों से अलग अपने स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। कांग्रेस के एक धड़े का आरोप है कि रावत की अलग से शुरू की गई राजनीतिक गतिविधियां पार्टी की सामूहिक चुनावी तैयारियों को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, रावत समर्थकों का कहना है कि ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ का उद्देश्य जनता से सीधा संवाद स्थापित करना और कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। जसपुर से शुरू हुई यह यात्रा आने वाले दिनों में कुमाऊं के अन्य क्षेत्रों से होते हुए हल्द्वानी तक पहुंचेगी। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले रावत की इस पहल को उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


