चमोली के पीपलकोटी में बड़ा टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू अभियान जारी
गोपेश्वर/पीपलकोटी। उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में गुरुवार शाम हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। टनल में अचानक पानी के साथ भारी मलबा और पत्थर घुसने से कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अब तक नौ मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार शाम करीब छह बजे के बाद हुआ। जिस स्थान पर श्रमिक काम कर रहे थे, उससे लगभग 150 मीटर दूर भूस्खलन के बाद पानी के साथ मलबा और पत्थर तेजी से टनल के भीतर आ गए। उस समय टनल में श्रमिक सरिया वेल्डिंग सहित निर्माण कार्य में जुटे थे। अचानक पानी और मलबा आने से वहां अफरा-तफरी मच गई और कई श्रमिक अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दलों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। शुरुआती चरण में कई श्रमिकों को घायल अवस्था में बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 19 श्रमिकों को टनल से बाहर निकाला जा चुका है, जबकि छह लोगों की तलाश अभी जारी है। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान
टनल के भीतर पानी, मलबे और दलदल की स्थिति ने बचाव अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। सुरंग में पानी का रिसाव और ऑक्सीजन की कमी भी बचावकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के जवान फंसे श्रमिकों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
