उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, नीती घाटी में चीन सीमा को जोड़ने वाला बैली ब्रिज बहा, BRO कर्मचारी लापता
मुख्यमंत्री ने दिए राहत-बचाव के निर्देश
ज्योतिर्मठ/चमोली। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में अतिवृष्टि के कारण तमक नाला सोमवार शाम अचानक उफान पर आ गया। तेज बहाव में चीन सीमा को जोड़ने वाला बैली ब्रिज कुछ ही सेकंड में बह गया। पुल के समीप काम कर रहा सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कर्मचारी भी पानी की चपेट में आने के बाद लापता बताया जा रहा है।पुल बहने के बाद नीती घाटी के 12 से अधिक सीमांत गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी की कई चौकियों तक आवाजाही भी प्रभावित हुई है।जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद तमक नाला पहली बार उफान पर आया था। पानी पुल तक पहुंचने के बाद कुछ समय में जलस्तर कम हुआ, जिसके बाद पुल पर जमा मलबा हटाकर आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान शाम करीब चार बजे नाला दोबारा अचानक उफान पर आ गया। पानी का वेग इतना तेज था कि बैली ब्रिज कुछ ही सेकंड में बह गया।बताया जा रहा है कि ज्योतिर्मठ से करीब 37 किलोमीटर आगे नीती घाटी में तमक नाले पर पिछले वर्ष भी तेज बहाव के कारण पक्का पुल बह गया था। इसके बाद ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी रूप से आवाजाही कराई जा रही थी। करीब एक माह पहले ही BRO ने यहां बैली ब्रिज तैयार किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से पूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने, संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रखने को कहा है।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बैली ब्रिज बहने के कारण सीमांत गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।प्रशासन को नदी-नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।फिलहाल प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता BRO कर्मचारी की तलाश के साथ-साथ सीमांत गांवों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं।

BRO कर्मचारी की तलाश में रेस्क्यू अभियान
पुल के समीप साइट पर काम कर रहे BRO के एक कर्मचारी के लापता होने की सूचना के बाद SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। प्रशासन की ओर से लापता कर्मचारी की तलाश के साथ ही प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए हैं।एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि ऊपरी क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आया, जिससे बैली ब्रिज बह गया। पुल के समीप काम कर रहे BRO के एक कर्मचारी के लापता होने की सूचना है। SDRF और NDRF की टीमों को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में आवाजाही जल्द सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन गांवों का संपर्क प्रभावित
बैली ब्रिज बहने से जेलम, जुम्मा, मलारी, फरकिया, बाम्पा, गमशाली, नीती, कैलाशपुर, द्रोणागिरी और गरपक समेत नीती घाटी के कई गांवों का संपर्क कट गया है। सीमांत क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी की कई चौकियां होने के कारण पुल के टूटने से सामरिक आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
