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कांवड़ यात्रा के दौरान महिला ने जुड़वां बेटों को दिया जन्म

मुजफ्फरनगर/हरिद्वार (उद संवाददाता)। सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रही एक महिला कांवड़िया ने रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में जुड़वां बेटों को जन्म दिया। समय पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की मदद मिलने से मां और दोनों नवजात सुरक्षित हैं। नवजातों का नामकरण एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मां की सहमति से गणेश और कार्तिकेय रखा। जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी नेहा भोली कांवड़ यात्रा के दौरान नीलकंठ और हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने साथियों के साथ दिल्ली लौट रही थीं। यात्रा के दौरान उनका अपने साथियों से संपर्क टूट गया और वह अकेले आगे बढ़ने लगीं। मुजफ्फरनगर पहुंचने पर उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया। अस्पताल में नेहा ने जुड़वां बेटों को जन्म दिया। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला महिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मां और दोनों नवजातों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद मां की सहमति से एक नवजात का नाम गणेश और दूसरे का नाम कार्तिकेय रखा। एसएसपी ने दोनों बच्चों को उपहार भेंट किए और उनकी मां को फलों की टोकरी देकर शुभकामनाएं दीं। महिला जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ- मुरली भास्कर ने बताया कि महिला गर्भावस्था के लगभग सातवें महीने में थीं। दोनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि एक बच्चे का वजन लगभग 1-20 किलोग्राम तथा दूसरे का करीब 900 ग्राम है। जन्म के समय दोनों को सांस लेने में कुछ परेशानी थी, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। मां का स्वास्थ्य भी सामान्य है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यह घटना पूरे जिले के लिए खुशी का अवसर है। उन्होंने कहा कि महिला को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल समन्वय स्थापित कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर बेहतर उपचार मिलने से मां और दोनों नवजात सुरक्षित हैं। उन्होंने दोनों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे महादेव का आशीर्वाद बताया।

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