हीरा सिंह बिष्ट का निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति : गणेश गोदियाल
देहरादून। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष रहे श्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन निधन कांग्रेस सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्व. बिष्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके आवास पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष रहे श्री हीरा सिंह बिष्ट जी को कांग्रेसजनों के साथ उनके आवास पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा कांग्रेस का ध्वज समर्पित कर भावभीनी अंतिम विदाई दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों और वंचितों की आवाज़ बुलंद करने वाले जनप्रिय नेता श्री हीरा सिंह बिष्ट जी का निधन उत्तराखंड की राजनीति, श्रमिक आंदोलन और कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि बिष्ट के जाने से न केवल कांग्रेस ने अपना एक वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता खोया है, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन को भी ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। हरीश रावत ने कहा कि स्व. बिष्ट के साथ बिताए गए अनेक पल और उनका स्नेहिल मार्गदर्शन सदैव स्मृतियों में जीवित रहेगा। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके परिजनों एवं प्रशंसकों के प्रति गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। हीरा सिंह बिष्ट उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ एवं जमीनी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में श्रमिकों, कर्मचारियों और मलिन बस्तीवासियों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। वह लंबे समय तक इंटक के प्रदेश अध्यक्ष रहे और श्रमिक आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अविभाजित उत्तर प्रदेश में एन-डी- तिवारी सरकार के दौरान उन्होंने परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। राज्य गठन से पहले और बाद में भी वह कांग्रेस संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय रहे। उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनसेवा, सामाजिक सरोकारों और कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित रहा। उनके निधन की सूचना मिलते ही सेवक आश्रम रोड स्थित उनके आवास पर कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार नालापानी श्मशान घाट में किया जाएगा।
