मुठभेड़ में शार्प शूटर विरत चौधरी घायल,तीन गिरफ्तार
गाबा चौक और पुलभट्टðा फायरिंग कांड के आरोपित गैंग पर रुद्रपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रुद्रपुर (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ऊधमसिंह नगर पुलिस ने रविवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को पुलिस मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ दो अन्य शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी किसी बड़ी खूनी गैंगवार को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की रेनॉल्ट क्विड कार तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार 21 जून को रुद्रपुर के गाबा चौक पर दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग का मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी था। डिबडिबा बिलासपुर निवासी इस शार्प शूटर ने अपने प्रतिद्वंद्वी की हत्या के इरादे से बीच बाजार में फायरिंग की थी, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई थी। इस मामले में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 30 जून को पुलभट्टðा थाना क्षेत्र में भी इसी गिरोह ने अपने प्रतिद्वंद्वी के वाहन को घेरकर कई राउंड फायरिंग की थी। इस घटना में राह से गुजर रही एक महिला सहित अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए थे। इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्रधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम लगातार गैंग के संभावित ठिकानों पर दबिश, निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने में लगी थी, जिसके चलते गिरोह के सदस्य अपने घर छोड़कर फरार हो गए थे। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि वांछित शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रेनॉल्ट क्विड कार में सवार होकर डिबडिबा क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वी पर जानलेवा हमला करने जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जाफरपुर कट क्षेत्र में घेराबंदी कर नाकाबंदी शुरू कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन दिखाई देने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार सवार आरोपी तेज रफ्तार से भाग निकले। पीछा करने पर कार यूनिटी लॉ कॉलेज के समीप कच्चे रास्ते में जाकर तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद कार सवार आरोपी खेतों और बाग की ओर भाग गए तथा पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों को कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई, लेकिन वे लगातार पुलिस पर फायरिंग करते रहे। पुलिस बल और स्वयं के जीवन पर उत्पन्न खतरे को देखते हुए आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर करीब आधा दर्जन राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल जितेंद्र चौधरी के अलावा सुमित राठौर और चंदन लाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कांबिंग और दबिश अभियान चलाया जा रहा है। घायल जितेंद्र चौधरी को उपचार के लिए जिला अस्पताल रुद्रपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में डिबडिबा बिलासपुर निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी, फुलसुगां ट्रांजिट कैंप निवासी 21 वर्षीय सुमित राठौर तथा डिबडिबा निवासी 32 वर्षीय चंदन लाल शामिल हैं। फरार आरोपी की पहचान निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली निवासी चंदेन फार्म, बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध 315 बोर तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की रेनॉल्ट क्विड कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 3(5) तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ रुद्रपुर, पुलभट्टा, दिनेशपुर तथा उत्तर प्रदेश के बिलासपुर थानों में हत्या के प्रयास, फायरिंग, अवैध हथियार रखने, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के एक दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज हैं। सुमित राठौर और फरार आरोपी निरंजन टाकुली के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि जनपद में अपराधियों, गैंगस्टरों और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। पुलिस पर हमला करने वालों, गैंगवार को बढ़ावा देने वालों तथा आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के विरुद्ध आगे भी कठोरतम वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक प्रकाश दानू के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक खुशवंत सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक प्रदीप पंत, उपनिरीक्षक पंकज कुमार, सहायक उपनिरीक्षक अमित कुमार, एसओजी के कांस्टेबल भूपेंद्र आर्या, मुख्य आरक्षी राजकुमार, आरक्षी विजय दरमाल, हरीश मेहरा तथा महेश पंचपाल सहित पुलिस टीम ने अंजाम दिया।

