नए मास्टर ड्रेनेज प्लान से क्या बदलेगी रुद्रपुर में जलभराव की स्थिति?
जगह नाली के ऊपर अतिक्रमण है सबसे बड़ी समस्या,कल्याणी नदी पर किया गया अतिक्रमण इस बरसात पड़ेगा भारी
रुद्रपुर। शहर में दशकों पुरानी जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए 786.73 करोड़ के ऐतिहासिक मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी मिल गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लाई गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना से रुद्रपुर न केवल जलभराव से मुक्त होगा, बल्कि यह शहर के सुनियोजित और आधुनिक विकास की एक मजबूत नींव रखेगा। हर साल मानसून के दौरान जलमग्न होने वाले इस बड़े औद्योगिक शहर के लिए यह योजना एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है।रुद्रपुर उत्तराखंड का एक प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है, लेकिन अनियोजित शहरीकरण और बदहाल जल निकासी तंत्र के कारण यह हर साल मानसून में टापू बन जाता है। सिडकुल की स्थापना के पश्चात नगर और उसके आसपास क्षेत्र में तेजी से कालोनिया काटी गई और आबादी बढ़ी लेकिन बढ़ती आबादी और अवैध अतिक्रमण के कारण शहर में होने वाले जल भराव और नगर के पानी निकासी की तरफ किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया। हालत यह है कि शहर की प्रमुख कल्याणी नदी भी अवैध अतिक्रमण से अछूती नहीं रह गई है। जिसका परिणाम यह होता है कि मानसून शुरू होते ही शहर के मुख्य बाजार, बाटा चौक, और डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क जैसे क्षेत्रों में मात्र दो घंटे की बारिश से दुकानें और बेसमेंट जलमग्न हो जाते हैं, जिससे करोड़ों का नुकसान होता है। शहर में जगह-जगह नालियां चौक है और पानी निकासी की कोई सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है ।पिछले 15 वर्षों से शहर का ड्रेनेज नेटवर्क बेहद कमजोर है। नालियों की समय पर सफाई न होना और कुछ निर्माण कार्यों के चलते पानी की प्राकृतिक निकासी रुकी हुई है। जिसके कारण शहर के फुलसुंगा, ट्रांजिट कैंप, संजय नगर, खेड़ा, मुख्य बाजार, गांधी पार्क, भूरारानी, और आर्यनगर जैसे इलाके हर साल मानसून में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तैयार किए गए 786.73 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान को व्यय वित्त समिति ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस विशाल प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। परियोजना का पहला चरण 441.79 करोड़ की लागत से वर्ष 2026 में ही शुरू होने जा रहा है। इसके तहत 61 नए ड्रेनेज चौनलों का निर्माण किया जाएगा। शहर में पानी की त्वरित निकासी के लिए 61 नए बड़े नालों का जाल बिछाया जाएगा।जिसमें लगभग 67 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक सेकेंडरी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पानी के बैकफ्रलो को रोकने और निचले इलाकों से पानी खींचने के लिए 5 हाई-टेक पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। शहर के 23 पुराने प्रमुख नालों का चौड़ीकरण, गहरीकरण और पुनर्निर्माण कर उनकी जल-ग्रहण क्षमता को कई गुना बढ़ाया जाएगा।इस नए और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के धरातल पर उतरने से रुद्रपुर की सूरत पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।नए 61 नालों और आधुनिक पंपिंग स्टेशनों के बनने के बाद, भारी बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बजाय सीधे बड़े ड्रेनेज चौनलों के माध्यम से शहर से बाहर निकल जाएगा। इससे मुख्य बाजार और रिहायशी कॉलोनियों में पानी नहीं घुसेगा।दुकानों और बेसमेंटों में पानी घुसने की समस्या बंद होने से व्यापारियों का माल सुरक्षित रहेगा। मानसून के दौरान भी बाजार खुले रहेंगे और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।जलभराव के कारण हर साल शहर की डामर वाली सड़कें टूट जाती हैं। जल निकासी दुरुस्त होने से सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी, जिससे बार-बार मरम्मत पर होने वाला सरकारी पैसा बचेगा और जनता को गडडा मुक्त सफर मिलेगा।लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छर जनित बीमारियां ;जैसे डेंगू, मलेरियाद्ध और संक्रामक रोग फैलते हैं। त्वरित जल निकासी से शहर में स्वच्छता का स्तर सुधरेगा और नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।इस ड्रेनेज प्लान के साथ ही अटरिया मोड़ से डीडी चौक होते हुए त्रिशूल चौक तक 16.61 करोड़ की लागत से आरसीसी नाला और आधुनिक फुटपाथ बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली है। यह रुद्रपुर को इंदौर की तर्ज पर एक व्यवस्थित और सुंदर शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।रुद्रपुर के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मंजूर हुआ यह मास्टर ड्रेनेज प्लान रुद्रपुर के भविष्य के लिए एक संजीवनी है। यह प्रोजेक्ट केवल नालियों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रुद्रपुर को एक जलभराव मुक्त, आधुनिक और व्यवस्थित औद्योगिक महानगर के रूप में पुनर्जीवित करने का संकल्प है। यदि इस योजना का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होता है, तो निश्चित रूप से आने वाले समय में रुद्रपुर के नागरिकों को जलभराव के दंश से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।
