देहरादून में पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. लखेड़ा का निधन,राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी श्रद्धांजलि
देहरादून। भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी तथा मिजोरम एवं पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल (उपराज्यपाल) लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. लखेड़ा, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) का सोमवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और देहरादून के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से सैन्य, प्रशासनिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पुत्री अलका कुकरेती ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार (30 जून) को हरिद्वार में किया जाएगा। अंतिम यात्रा उनके आवास 28ए, पनाश वैली, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून से हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. लखेड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। वह सोमवार को उनके आवास पहुंचे और पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। राज्यपाल ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा का निधन राष्ट्र, भारतीय सेना और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि लखेड़ा एक उत्कृष्ट सैन्य कमांडर, दूरदर्शी प्रशासक और अत्यंत सरल एवं आत्मीय व्यक्तित्व के धनी थे।उन्होंने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब वह सिकंदराबाद में युवा मेजर के रूप में तैनात थे, तब लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा उनके जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे। बाद में सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में जिस प्रतिष्ठित अडजुटेंट जनरल (AG) के पद को लखेड़ा ने गरिमा प्रदान की थी, उसी पद पर उन्हें भी सेवा करने का अवसर मिला। राज्यपाल ने कहा कि लखेड़ा की मातृ रेजिमेंट 4 कुमाऊँ से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। कश्मीर में कोर कमांडर के रूप में कार्य करते हुए उन्हें इस वीर बटालियन के साथ निकटता से काम करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने उसके सैनिकों के साहस, अनुशासन और गौरवशाली परंपराओं को करीब से देखा।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीर भूमि ने आज अपना एक गौरवशाली सपूत खो दिया है। देश की सीमाओं की रक्षा से लेकर सार्वजनिक जीवन के सर्वोच्च दायित्वों तक, लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा ने निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा की, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने भी जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. लखेड़ा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मिजोरम एवं पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. लखेड़ा का सैन्य और सार्वजनिक जीवन में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से देश ने एक कुशल सैन्य अधिकारी, अनुभवी प्रशासक और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है।
