Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह वीर जवानों के नाम सार्वजनिक, सियासी बवाल शुरू

पराक्रमी बलिदानियों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर अंकित किए गए
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह वीर जवानों के नाम सार्वजनिक किए हैं। शहीद सैनिकों के नाम सार्वजनिक होने के बाद देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में उनका नाम दर्ज किया जाना उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का स्थायी सम्मान माना जा रहा है।पहलगाम में पर्यटकों पर कायराना आतंकी हमले का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने जो ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, उसमें अपने छह वीर जवान शहीद हुए थे। इस ऑपरेशन के माध्यम से भारत ने शौर्य, पराक्रम और आधुनिक युद्ध कौशल का जो नया अध्याय लिखा, उसमें छह जवान बलिदान हुए थे, जिनके नाम बार सरकार ने सार्वजनिक किए हैं। इन पराक्रमी बलिदानियों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल के रोल ऑफ ऑनर के साथ ही स्मारक वॉल 3डी पर भी अंकित किए गए हैं। नेशनल वॉर मेमोरियल की रोल ऑफ ऑनर में 1947 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के वीरों से लेकर 2025 के ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन हिफाजत-1 तक के कुल 26626 बलिदानियों के नाम दर्ज हैं।
वहीं अब सरकार द्वारा शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद सियासी बवाल शुरू हो गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने सेना के जवानों की शहादत को छुपाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री पर निशाना साधा है। रक्षा मंत्री के संसद में दिए बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें भारत को काई नुकसान नहीं होने का दावा किया गया था लेकिन अब ऑपरेशन सिंदूर में प्राण न्योछावर करने वाले छह जवानों के नाम सार्वजनिक हुए हैं।
हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार
4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र)
5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार
851 लाइट रेजिमेंट के एविएशन टेक्नीशियन मूद मुरलीनाइक
237 फील्ड वर्कशाप के हवलदार सुनील कुमार सिंह
39 विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु सेना मेडल)
‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 की सुबह शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के कुछ हफ्ते बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे। मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। दोनों देशों के ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन्स’ के बीच बातचीत के बाद, भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए। पाकिस्तान की ओर से भारत के राफेल मार गिराने सहित सैन्य बल के नुकसान के कई दावे किए गए, जो कि खोखले साबित हुए। विपक्ष के भी कुछ नेताओं ने नुकसान की जानकारी मांगी। हालांकि, सरकार ने इसे देशहित और रणनीतिक कारणों से कोई जानकारी साझा नहीं की थी, लेकिन हाल ही में रक्षा मंत्रालय के टेंडर नोटिस से ही यह बात भी सामने आ गई कि भारतीय सेना के सभी 36 राफेल विमान सुरक्षित व कार्यशील हैं और अब छह सैनिकों के बलिदान की अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *