जिला अस्पताल में डॉ. एम.के. तिवारी बने सीएमएस, बधाई देने वालों का लगा तांता
रुद्रपुर। जिला अस्पताल रुद्रपुर को नया मुखिया मिल गया है। प्रदेश के प्रतिष्ठित फिजिशियनों में शुमार डॉ. एम.के. तिवारी ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) का कार्यभार संभाल लिया है। अपने लंबे अनुभव, सटीक निदान और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. तिवारी का लाभ जहां समाज के हर वर्ग के लोग वर्षों से उठा रहे हैं, वहीं कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रतिष्ठित लोग भी उनके मरीजों में शामिल हैं। उनकी नियुक्ति से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में नए सुधार और बेहतर प्रबंधन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. तिवारी ने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मरीजों की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने प्रतिदिन दो घंटे ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार करने का निर्णय लिया है, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सीधे उनके अनुभव का लाभ मिल सकेगा। डॉ. तिवारी चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के कारण विशेष पहचान रखते हैं। कई गंभीर मरीज उनके उपचार और मार्गदर्शन से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। यही कारण है कि उनके सीएमएस बनने की सूचना मिलते ही अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि डॉ. तिवारी के नेतृत्व में अस्पताल की व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत होंगी। मरीजों को बेहतर उपचार, समय पर जांच सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। डॉ. तिवारी ने भी भरोसा दिलाया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उनके नेतृत्व में जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए और सकारात्मक अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। डॉ. एम.के. तिवारी उत्तराखंड बनने के बाद से राज्य में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वर्ष 2013 से जिला अस्पताल रुद्रपुर में नियुक्त हैं। वर्ष 2017 से 2019 तक पारिवारिक कारणों से अवकाश पर रहने के बाद उन्होंने पुनः अस्पताल में कार्यभार संभाला और मरीजों की सेवा में जुट गए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वरिष्ठ फिजिशियन के रूप में हजारों मरीजों का उपचार किया है, वहीं अस्पताल में विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। चिकित्सा क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव, कुशल कार्यशैली और मरीजों के प्रति समर्पण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

