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24 घंटे में दबोचा वनकर्मी का कातिल : शराब के नशे में हुए विवाद के चलते आरोपी ने कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट

ण्हल्द्वानी। पीपलपड़ाव जंगल क्षेत्र स्थित भाखड़ा रेंज में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। मामले के खुलासे के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है। जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को पीपलपड़ाव जंगल स्थित भाखड़ा रेंज के प्लॉट संख्या-71 में एक वन कर्मी की हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ- मंजूनाथ टीसी ने तत्काल एसपी सिटी मनोज कत्याल, क्षेत्रधिकारी अमित सैनी एवं प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता को पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। घटनास्थल पर वन विभाग के रेंजर नवीन सिंह रौतेला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने फॉरेंसिक मोबाइल टीम की सहायता से वैज्ञानिक तरीके से मौके का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की पहचान वन विभाग में रोपण रक्षक के पद पर कार्यरत मेवा लाल पुत्र हरी लाल निवासी अलीपुर जित्ता, जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद चौकीदार तिवारी सिंह के बयान संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में उसने बताया कि घटना से पूर्व उसने और मृतक ने एक साथ शराब का सेवन किया था, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई। पुलिस को उस पर संदेह होने पर हिरासत में लेकर थाने लाया गया और सख्ती से पूछताछ की गई। वन बीट अधिकारी पवन कुमार की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी तिवारी सिंह ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि शराब के नशे में हुए विवाद के दौरान उसने आवेश में आकर कुल्हाड़ी से मेवा लाल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी तिवारी सिंह पुत्र जय सिंह निवासी लालपुरी गूलरभोज थाना दिनेशपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में तो शामिल नहीं रहा है। मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता, थानाध्यक्ष मुखानी सुशील कुमार जोशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहताश सिंह, उपनिरीक्षक संजीत राठौड़, कांस्टेबल राहुल राणा एवं कांस्टेबल धीरेन्द्र अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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