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आंधी का कहर, 22पर्यटकों को किया रेस्क्यू

फ्लोटिंग हटमेंट टूट कर क्षतिग्रस्त हुए,मुख्य सचिव ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में डोबरा-चाटी के समीप शनिवार देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के दबाव के कारण झील में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे फ्लोटिंग हटमेंट टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, एसडीआरएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक बड़े हादसे को टाल दिया और हटमेंट में फंसे सभी 22 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शनिवार रात लगभग 8 बजे आपदा कंट्रोल रूम, टिहरी के माध्यम से सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट कोटी कॉलोनी से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर हटमेंट आंधी के कारण क्षतिग्रस्त होकर बह रहे थे। टीम ने रात के अंधेरे और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और हटमेंट में फंसे 22 पर्यटकों को पर्यटन विभाग की बोट की सहायता से सुरक्षित कोटी कॉलोनी पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू किए गए सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। फ्लोटिंग हटमेंट के साथ इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पूर्व मई 2019 में भी झील का जलस्तर कम होने और हवा के दबाव के चलते हटमेंट का आधा हिस्सा पानी में डूब गया था, जिसे निकालने में करीब एक सप्ताह का समय लगा था। उल्लेखनीय है कि लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2015 में इन फ्लोटिंग हटमेंट का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल के दौरान यहां कैबिनेट बैठक का भी ऐतिहासिक आयोजन किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी टिहरी से पूरे मामले का विस्तृत ब्योरा लिया है। शासन ने प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं जो हटमेंट के टूटने के तकनीकी कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस सुझाव भी मांगे गए हैं।

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