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हल्द्वानी से बड़ी खबर: गणेश गोदियाल का दावा, कांग्रेस में शामिल होंगे 18 बड़े नेता,कुछ भाजपा विधायक भी पार्टी के संपर्क में

महिला आरक्षण बिल को लेकर विधानसभा सत्र बुलाना जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश
हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि राज्य के 18 बड़े नेता जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन नेताओं की सूची पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है और मंजूरी मिलते ही औपचारिक रूप से शामिल कराया जाएगा।स्वराज आश्रम, हल्द्वानी में आयोजित भ्रमण एवं कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस लगातार अपने संगठन को मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कुछ मौजूदा भाजपा विधायक भी पार्टी के संपर्क में हैं, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।इस दौरान गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए बंशीधर भगत के एक कथित बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगत खुद स्वीकार कर चुके हैं कि 2027 का चुनाव जीतना आसान नहीं होगा और “सिर्फ मोदी के नाम पर चुनाव नहीं जीते जा सकते।”कार्यक्रम में हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गपाल, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मौजूदा सरकार की नीतियों से आम जनता बेहाल है और सरकार जनहित के मुद्दों से भटक रही है।गोदियाल ने कहा कि “डेमोग्राफी चेंज” के नाम पर भाजपा केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि यह बिल जानबूझकर गिराने के उद्देश्य से लाया गया।प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहाड़ और मैदान के बीच की विषमताओं को दूर करने के लिए ठोस नीति बननी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि विधानसभा सीटों को 70 से बढ़ाकर 108 करने के पीछे सरकार की क्या स्पष्ट योजना है। गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की आलोचना के लिए विधानसभा सत्र बुलाना जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान 70 विधानसभा सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में बढ़ते जंगली जानवरों के आतंक और चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि इन मुद्दों पर सरकार की तैयारी और कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है।गोदियाल के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। गोदियाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर वे 18 नेता कौन हैं, जो कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

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