लॉकडाउन की अफ़वाहों का सरकार ने किया खंडन
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और किरण रिजिजू ने की शांति की अपील
नई दिल्ली (उद संवाददाता)। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। होर्मुज की खाड़ी में तेल के जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। भारत में भी इसका प्रभाव पेट्रोल पंपों पर लगने वाली लंबी कतारों और एलपीजी की संभावित किल्लत की खबरों के रूप में सामने आया है। इसी अनिश्चितता के माहौल में सोशल मीडिया पर देशव्यापी लॉकडाउन लगने की अफवाहें तेजी से फैल गईं, जिससे आम जनता में भारी बेचौनी और डर का माहौल बन गया है। केंद्र सरकार ने इन सभी अटकलों और अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह निराधार और झूठी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि सरकार ऐसा कोई कदम उठाने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने जनता से इस चुनौतीपूर्ण समय में संयम और जिम्मेदारी दिखाने तथा एकजुट रहने की भावुक अपील की है। संसद भवन में मीडिया से मुखातिब होते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी इन खबरों को भ्रामक करार दिया। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। रिजिजू ने जानकारी दी कि सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तेल के दामों का बोझ नागरिकों पर न पड़े। उन्होंने कहा कि संसद में भी इस जनहितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे जरूरत से ज्यादा पेट्रोल या गैस का भंडारण न करें, क्योंकि अनावश्यक जमाखोरी से कृत्रिम किल्लत पैदा होती है। सरकार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और नागरिकों से पैनिक न होने का आग्रह किया गया है।
