एनसीईआरटी की नकली किताबों की जांच के लिए एसआईटी गठित
रूद्रपुर । ऊधमसिंहनगर जनपद में अवैध कारोबार और माफियाओं के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र के अंतर्गत पकड़ी गई करीब 10 करोड़ रुपये की एनसीईआरटी की नकली किताबों के मामले की गहन जांच हेतु एसएसपी द्वारा 10 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह में हड़कंप मच गया है।मामले की गंभीरता और इसके नेटवर्क की गहराई को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने स्वयं संज्ञान लेकर इस विशेष टीम को नियुक्त किया है। यह एसआईटी पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात जितेंद्र चौधरी के निकट पर्यवेक्षण में कार्य करेगी। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बड़े घोटाले का सफल और विधि सम्मत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और विवेचना की हर प्रगति से उन्हें तत्काल अवगत कराया जाए। जांच टीम का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी सदर प्रशांत कुमार को सौंपा गया है। टीम में अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है जिसमें प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी ;विवेचक, एसओजी प्रभारी उमेश कुमार, उपनिरीक्षक चंदन सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक प्रियांशु जोशी और सर्विलांस सेल के विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके साथ ही कोतवाली रुद्रपुर के चुनिंदा कांस्टेबलों को भी टीम का हिस्सा बनाया गया है ताकि साक्ष्यों के संकलन और दबिश की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।गौरतलब है कि बीते 14 मार्च 2026 को रुद्रपुर पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारकर 10 करोड़ रुपये की भारी मात्रा में नकली एनसीईआरटी किताबें और किताबों से भरा एक ट्रक बरामद किया था। इस संबंध में कोतवाली रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत है। अब नवगठित एसआईटी की प्राथमिकता इस अवैध कारोबार के पीछे छिपे मुख्य चेहरों और अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करना होगी। एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
