आपदा प्रबंधन का महाभ्यास : भूस्खलन, बाघ का हमला और बस दुर्घटना जैसी स्थितियों में राहत दलों ने दिखाई तत्परता
नैनीताल/हल्द्वानी । राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंगलवार को जनपद नैनीताल की पांच तहसीलोंकृनैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम और खनस्यू में वृहद आपदा पूर्वाभ्यास अभियान का आयोजन किया गया। जिला आपदा परिचालन केंद्र को सुबह 10ः30 बजे अलग-अलग क्षेत्रों से आपदा की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके तत्काल बाद आईआरएस प्रणाली को सक्रिय करते हुए राहत एवं बचाव दलों को मौके पर रवाना किया गया। मॉकड्रिल के दौरान पहली घटना मल्लीताल स्थित बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की रही, जहाँ झील में गिरे 05 पर्यटकों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। दूसरी घटना कालाढूंगी रेंजर ऑफिस के पास बाघ के हमले की थी, जिसमें वन विभाग और पुलिस ने घायल को जंगल से बरामद कर अस्पताल पहुँचाया और बाघ को ट्रेंकुलाइज किया। नैनीताल के चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर राहत दल ने मलबे में दबे 07 लोगों को निकाला, जिनमें से एक को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया।वहीं, प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर परिसर में भगदड़ की स्थिति निर्मित की गई, जहाँ बचाव दल ने 20 लोगों को रेस्क्यू किया। ओसाड़ बैंड ओखलकांडा और करायल के बीच एक बस के खाई में गिरने की बड़ी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 35 यात्रियों को बचाया गया, जिनमें से गंभीर रूप से घायल 04 यात्रियों को सीएचसी ओखलकांडा भेजा गया। हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ की मॉकड्रिल में 12 घायलों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें से 02 को बेस अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।पूरे अभियान की मॉनिटरिंग अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने वीडियो कॉन्Úेंसिंग के माध्यम से की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपदा के समय त्वरित कार्रवाई के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी, आरटीओ गुरुदेव सिंह, पुलिस कंट्रोल रूम से आनंद पंत और एनडीआरएफ इंस्पेक्टर नाजिम हुसैन सहित स्वास्थ्य, वन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन के इस सफल अभ्यास ने भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और अधिक पुख्ता किया है।
