मुठभेड़ में लूट और फायरिंग करने वाले तीन और अभियुक्त गिरफ्तार
सितारगंज । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सितारगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बाइक लूट की घटना को अंजाम देने और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान दो अभियुक्तों के पैरों में गोली लगी है जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा, पाटल और लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की है।घटनाक्रम के अनुसार 10 मार्च 2026 को लामाखेड़ा निवासी अरुण सिंह ने सूचना दी कि औदली में दो बदमाशों ने उसकी गर्दन पर हथियार रखकर प्लैटिना मोटरसाइकिल लूट ली है। सूचना पर उपनिरीक्षक ललित चौधरी टीम के साथ ग्राम भरौनी में मुख्य आरोपी गुरमीत सिंह के घर पहुंचे। वहां आंगन में दो मोटरसाइकिलें खड़ी थीं और गुरमीत सिंह, उसका भाई मक्खन सिंह, पिता मोहन सिंह तथा एक अन्य व्यक्ति मौजूद थे। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने गाली गलौच शुरू कर दी और घर के अंदर से तलवार व पाटल लेकर पुलिस पर हमला कर दिया। इस दौरान गुरमीत सिंह ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की जिसमें गुरमीत सिंह और इंद्रजीत उर्फ दिलबाग के पैरों में गोली लगी और वे खेतों की ओर भाग निकले। मौके से पुलिस ने मोहन सिंह को उसी दिन गिरफ्रतार कर लिया था जिसकी निशानदेही पर लूटी गई बाइक घर से बरामद हुई।फरार बदमाशों की गिरफ्रतारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर रूद्रपुर और क्षेात्राधिकारी के पर्यवेक्षण में टीमें गठित की गई थीं। गठित टीम ने दबिश देकर इंद्रजीत उर्फ दिलबाग उर्फ बग्गू निवासी भरौनी को पाटल के साथ, गुरमीत सिंह निवासी भरौनी को नगला रोड से और मक्खन सिंह निवासी भरौनी को एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर के साथ गिरफ्रतार किया। गिरफ्रतार अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। गुरमीत सिंह पर पूर्व में डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं अन्य अभियुक्तों पर भी पूर्व में मारपीट और पुलिस पर हमले के मुकदमे दर्ज हैं।पुलिस टीम में निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, उपनिरीक्षक प्रकाश चन्द्र भट्ट, जगत सिंह शाही, राकेश रौकली, सुरेन्द्र सिंह दानू, अमित जोशी, विनोद जोशी, सुनील चौहान, तरुण चौधरी, किरन मेहता, अशोक बोरा, जगदीश लोहनी और कपिल कुमार शामिल रहे। गिरफ्रतार अभियुक्तों में से गुरमीत सिंह अस्पताल में उपचाराधीन है जबकि मक्खन सिंह और इंद्रजीत को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
