गैरसैंण के विधानसभा भवन को बारात घर बताना जनभावनाओं का अपमान : हरीश रावत
रामनगर । रामनगर के पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित ‘युवा आकांक्षा कार्यक्रम दृ युवाओं की बात हरीश रावत के साथ’ में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिरकत की। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, पूर्व दर्जा मंत्री पुष्कर दुर्गापाल और छात्रसंघ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि युवा आकांक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और वह युवाओं के सुझावों व समस्याओं को समझने के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने विशेष रूप से 40 से 45 वर्ष की आयु वाले उस युवा वर्ग की अपेक्षाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई जो वर्तमान में निराशा का सामना कर रहा है।संबोधन और मीडिया से बातचीत के दौरान हरीश रावत ने बदरी केदार मंदिर समिति द्वारा गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के प्रस्ताव को केवल प्रचार का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रचार तंत्र ऐसे मुद्दों को उठाकर सनातन धर्म की उदार छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहा है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा गैरसैंण विधानसभा भवन को बारात घर के रूप में उपयोग करने के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही करना है तो उसे बारात घर नहीं बल्कि सत्संग भवन बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण से राज्य के करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इसे पर्यटन स्थल या अन्य उपयोग के लिए बताना समझ का दिवालियापन है।पूर्व मुख्यमंत्री ने रामनगर और नैनीताल सहित दूर दराज के क्षेत्रों में हो रही गैस की किल्लत पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान गैस की कमी से न केवल आम उपभोक्ता बल्कि होटल और पर्यटन व्यवसायी भी प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार को इस मामले में तुरंत सक्रिय होना चाहिए। अपने पुत्र आनंद रावत के रामनगर से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि आनंद रावत कहां से चुनाव की तैयारी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान आनंद रावत और अन्य युवा साथियों ने पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत किया और युवाओं के भविष्य को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
