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सदन में गूंजा रसोई गैस की किल्लत, मिलावटखोरी और भर्ती घोटाले का मुद्दा

देहरादून (उद संवाददाता)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने नियम 310 के तहत प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भारी शोर- शराबा किया। संसदीय कार्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय और सीबीआई के पास लंबित होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकती, जिससे नाराज विपक्ष चर्चा की मांग पर अड़ा रहा।वहीं भोजनावकाश के बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व विपक्षी दल के सदस्यों ने प्रदेश में बढ़ रही रसोई गैस की किल्लत और होटल रेस्टोरेंटों में कारोबार प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ती पर रोक लगाई है। प्रदेश में होटल कारोबारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वन विभाग जलौनी लकड़ी उपलब्ध करायेगा। सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार गैस आपूर्ती की मॉनिटरिंग कर रही है। भारी हंगामे के बीच आिखरकार प्रश्नकाल शुरू हुआ, जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए। विधायक बृजभूषण गैरोला द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ- धन सिंह रावत ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य भर से लिए गए कुल 3,311 सैंपलों में से 330 सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनके मामले फिलहाल विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। मंत्री ने घोषणा की कि देहरादून में खाद्य पदार्थों की आधुनिक टेस्टिंग लैब तैयार हो चुकी है, जिसका उद्घाटन 31 मार्च 2026 से पहले कर दिया जाएगा। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और विनोद चमोली ने केवल त्योहारों पर जांच और स्थानीय निकायों से खाद्य परीक्षण का अधिकार छीनने पर चिंता जताई, जिस पर मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। सदन में स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा के दौरान अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी और वीरेंद्र जाती ने गोल्डन कार्ड का मुद्दा उठाया। सरकार ने स्वीकार किया कि प्रदेश के 37 हजार कर्मचारियों का गोल्डन कार्ड के तहत 168 करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है। वहीं, डोईवाला विधायक के कैंसर अस्पताल संबंधी सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हर्रावला (देहरादून) में 125 करोड़ की लागत से बन रहे कैंसर अस्पताल का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। साथ ही, कैंसर को नोटिफाई करने के लिए नई गाइडलाइन भी जल्द जारी की जाएगी। प्रश्नकाल के दौरान काजी निजामुद्दीन ने प्रदेश की भौगोलिक संवेदनशीलता और भूकंप सेंसरों पर सवाल किया। संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 169 स्थानों पर सेंसर लगाए जा चुके हैं और 500 नए सेंसर लगाने की योजना है। अब तक इन पर 115 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गोद लिए गांव सारकोट का जिक्र करते हुए विपक्षी विधायकों को वहां भ्रमण करने का न्योता दिया। सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद पहाड़ की पगडंडियों पर चलने में दिक्कत न हो, इसलिए समय निकालकर गांव की व्यवस्थाएं जरूर देखें।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सुबह भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में भराड़ी देवी मंदिर में माता के दर्शन किए और श्रीचरणों में नमन कर प्रदेश की सुख–समृद्धि की प्रार्थना की।
सत्र कब समाप्त हो रहा ?
विधानसभा सत्र के लिए पूरी सरकार भराड़ीसैंण में है। सत्र में सभी मंत्री, विधायकों के साथ आला अफसर भी पहुंचे हैं। सत्र की व्यवस्थाओं के साथ ही सुरक्षा के लिए सैकड़ों कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल रखा है। सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो रही है। वहीं, सदन के बाहर हर किसी की जुबान पर यही है कि सत्र कब समाप्त हो रहा है। भराड़ीसैंण में अवस्थापना विकास के कार्य आगे बढ़ रहे हैं। स्थायी राजधानी के सपनों को साकार करने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दो-चार दिन में वापस लौटने की जल्दबाजी के पीछे यह भी कारण है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। सरकार गरैसैंण को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बना रही है। इसे धरातल पर उतरने में काफी वक्त लगेगा।

 

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