February 25, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

रेप पीड़िता के आरोपों से ‘कटघरे’ में पुलिस की कार्यप्रणाली

फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुंची रेप पीड़िता के हिस्से आई मारपीट एवं बयान बदलने की पुलिसिया घुड़की
रुद्रपुर। केंद्र एवं राज्य की सरकार द्वारा मातृशक्ति की सुरक्षा ,सम्मान एवं अन्याय व शोषण से मुक्ति के तमाम दावों के बीच रुद्रपुर शहर में हुए गैंगरेप का एक मामला पुलिस की संवेदनहीन कार्य शैली के चलते खासा सुर्खियों में है। उपरोक्त मामले ने उधम सिंह नगर पुलिस की कार्य प्रणाली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। ज्ञात हो कि बीती बाईस फरवरी की रात स्थानीय गांधी पार्क में आयोजित सरस मेले से अपने देवर के साथ घर लौटते समय किच्छा बायपास मार्ग में गैंगरेप का शिकार हुई पीड़िता ने शहर पुलिस पर अपने साथ मारपीट करने एवं बयान बदलने का दबाव देने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी में हीला हवाली करने का आरोप लगाया है। न्याय के लिए पुलिस चौकी और शहर की कोतवाली के चक्कर लगा रही पीड़िता ने आप बीती बयान करते हुए उत्तरांचल दर्पण को बताया, कि वह बाईस फरवरी को गांधी पार्क में आयोजित सरस मेले में अपने देवर के साथ गई थी। वहां से लौटते समय किच्छा बायपास मार्ग पर तीन युवकों ने तमंचे की नोक पर उसके साथ गैंगरेप किया तथा भयभीत करने के लिए उसके हाथ पर चाकू से वार भी किया। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घटना के दौरान उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया है। फरियादिया ने आगे बताया कि उसकी शिकायत पर कार्यवाही करने की बजाय उल्टा उसे ही प्रताड़ित कर रही है और उस पर ही देह व्यापार में लिप्त होने का आरोप मढ़ रही है। बातचीत के दौरान पीड़िता ने साफ तौर पर कहा कि वह पुलिस कर्मियों को घटनास्थल भी ले जा चुकी है ,लेकिन पुलिस उसके साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर विश्वास नहीं कर रही है। पीड़िता के अनुसार उसके साथ महिला पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट भी की गई है और बयान बदलने के लिए उसे पुलिसिया घुड़की की भी दी जा रही है। इतना ही नहीं, पीड़िता ने अपनी जेठानी पर भी उसे देह व्यापार के गलीच कार्य के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया है। हालांकि मामले के संबंध में पुलिस अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया है कि चार व्यक्तियों के विरुद्धमामला पंजीबद्धकर लिया गया है और आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है ,लेकिन घटना के कई घंटे व्यतीत हो जाने के बाद भी पीड़िता के बयान दर्ज में विलंब के संबंध में कोई ठोस वजह, खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आ पाई है। जिसके चलते पुलिस की कार्यवाही पर उंगलियां उठाना स्वाभाविक है। फिलहाल गैंगरेप का यह मामला और मामले में पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली प्रदेश के तमाम न्यूज चैनलों एवं सोशल मीडिया में जमकर ट्रेंड कर रही है। जिसके चलते पुलिस महकमे की अच्छी खासी किरकिरी तो हो ही रही है, साथ ही साथ पुलिस विभाग की कार्य प(ति के कारण केंद्र एवं राज्य सरकार का महिला सम्मान एवं सुरक्षा का दावा भी खोखला साबित हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *