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‘धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट’ को नगर पालिका ने ‘कूड़े से पाटा’

पवित्र शारदा नदी के तट पर टनकपुर नगर पालिका ने बना दिया कूड़ा डंपिंग जोन
चंपावत। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखी है। उन्होंने चंपावत जिले के लिए तमाम नई विकास योजनाओं की घोषणा तो की ही है, साथ ही साथ सूबे के मुखिया ने शारदा नदी के तट को एक विश्व स्तरीय पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की पहल भी की है। शारदा नदी के तट को एक विश्व स्तरीय पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की मुख्यमंत्री की इस परिकल्पना को वैसे तो शारदा कॉरिडोर का नाम दिया गया है, परंतु सीएम धामी की शारदा कॉरिडोर में खास दिलचस्पी होने के कारण इसे मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट भी माना जाता है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरिडोर के विकास एवं धार्मिक नगरी टनकपुर के सौंदरीकरण के लिए करोड़ों की विकास योजनाओं का ऐलान किया है। देखा जाए तो सीएम धामी की ओर से तो शारदा कॉरिडोर प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने के लिए कोई भी कमी नहीं रख छोड़ी जा रही है, मगर मुख्यमंत्री के इस प्रोजेक्ट ड्रीम प्रोजेक्ट को स्थानीय निकाय के स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। वह इसलिए क्योंकि नगर पालिका टनकपुर ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को पलीता लगाते हुए शारदा नदी के किनारे ही कूड़ा डंपिंग जोन बना दिया है और पूरे नगर पालिका क्षेत्र का कूड़ा शारदा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है । कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध एवं इसको जलाने से हो रहा धुंआ पूरे शारदा घाट इलाके को तो प्रदूषित कर ही रहा है ,साथ ही साथ कूड़े के पहाड़ से उठने वाली दुर्गंध के चलते पूर्णागिरि आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों का पार्किंग स्थल पर खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है।नगर पालिका द्वारा जहां कूड़े को इकट्टा किया जाता है, उस इलाके के पीछे आबादी व उप जिला चिकित्सालय भी मौजूद है। पवित्र शारदा नदी के किनारे नगर पालिका द्वारा बनाए गए उपरोक्त कूड़ा डंपिंग स्थल को ना तो नगर पालिका प्रशासन द्वारा कवर किया ही गया है और ना ही उक्त स्थान पर कूड़ा निस्तारण की फिलहाल कोई व्यवस्था की गई है।पूर्णागिरि पहुंचने वाले तीर्थ यात्री एवं स्थानीय लोग कूड़े स्थल को वहां से हटा आबादी से दूर किए जाने की मांग काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा नागरिकों की मांग की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है तथा एनजीटी के नियमों का भी लगातार मखौल उड़ाया जा रहा है ।बड़ी विडंबना तो यह है कि एक ओर जहां समूचे भारत सहित उत्तराखंड में स्वच्छता मिशन को लेकर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं तथा शहरों में कूड़ा प्रबंधन को लेकर शहरी विकास विभाग द्वारा अनेकों योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पवित्र शारदा नदी एवं पूर्णागिरि धाम के आसपास के इस इलाके में कूड़ा प्रबंधन की आगामी व्यवस्था को लेकर भी जिम्मेदार अधिकारी के बयान समय-समय पर बदलते रहते हैं। टनकपुर नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी दीपक बुडलाकोटी कभी तो लोगों से यह कहते सुने जाते हैं कि नगर पालिका को शासन से धनराशि मिलने का इंतजार है ।जैसे ही शासन की तरफ से पैसा उपलब्ध कराया जाएगा वैसे ही कूड़े का निस्तारण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा और कभी उनके द्वारा साफ तौर पर यह है कह दिया जाता है कि शारदा नदी के किनारे से कूड़ा स्थल हटाने की नगर पालिका की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

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