February 13, 2026

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युवा चेहरे को नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है भाजपा !

देहरादून। प्रदेश में भाजपा के सांगठनिक चुनाव के लिए पार्टी मंडल अध्यक्षों का एलान कर चुकी है और आज भाजपा हाईकमान ने 19 सांगठनिक जिलों के अध्यक्ष पद पर नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मुहर लगा दी है।  पार्टी अब नये प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसी दमदार और अनुभवी नेता को कमान सौपने के लिए मंथन में जुट गई है। प्रदेश भाजपा के भीतर इस बात की चर्चा काफी गर्म है कि संगठन के नए कप्तान का ऐलान इस महीने हो सकता है। अब सवाल यही है कि प्रदेश संगठन की कमान किस चेहरे के हाथों में होगी। वह खांटी राजनीतिज्ञ होगा और युवा चेहरा या फिर महिला के हाथों में बागडोर सौंप कर केंद्रीय नेतृत्व नया प्रयोग करेगा। इन सभी प्रश्नों के मध्य वरिष्ठ, युवा और महिला चेहरों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई नाम संगठन के भीतर चर्चाओं में हैं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के तुरंत बाद पार्टी नए प्रदेश अध्यक्ष का एलान कर सकती है। लेकिन अभी केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय नहीं की है। संगठन नेताओं का मानना है कि होली के बाद भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। इसके तुरंत बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम की भी घोषणा हो जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को रिपीट न करने की सूरत में जो नाम संगठन के भीतर गूंज रहे हैं, उनमें प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, पार्टी के तेजतर्रार विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री खजान दास और एक कैबिनेट मंत्री का नाम भी लिया जा रहा है। युवा चेहरे के तौर पर जो नाम तैर रहे हैं उनमें भाजपा विधायक बीबी गैरोला, बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय का नाम की चर्चा है। महिला चेहरे के तौर पर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज और पार्टी विधायक आशा नौटियाल के नाम की भी चर्चा है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार इस महीने के आखिर तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा। अब प्रश्न यही है कि पार्टी प्रदेश संगठन की कमान किसके हाथों में सौंपेगी? इसे लेकर तीन तरह की बातें हो रही हैं। संगठन के भीतर यह बात बहुत तेजी से गूंज रही है कि महेंद्र भट्ट जो राज्यसभा सांसद भी हैं, उनको प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से शायद न हटाया जाए। संगठन की कमान उन्हीं के हाथों में बरकरार रखी जाए। उनके नेतृत्व में अब तक हुए अधिकांश चुनाव में पार्टी की जीत, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ उनका समन्वय इसकी प्रमुख वजह माने जा रहे हैं। लेकिन पार्टी के अंदर ही एक वर्ग के बीच यह भी चर्चा है कि पार्टी नया प्रयोग कर सकती है। इस प्रयोग में नए और युवा चेहरे को संगठन की बागडोर सौंप सकती है।

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