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तराई की नैनीताल -उधम सिंह नगर संसदीय सीट को अब तक मिल चुके हैं पांच सांसद, पर उपलब्धि ‘जीरो’

आखिर कब होगी नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के जुझारू और कर्मठ जनप्रतिनिधि की तलाश पूरी ?

रूद्रपुर। उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद तेईस साल की इस लंबी अवधि में, तराई की नैनीताल -उधम सिंह नगर संसदीय सीट को अब तक कुल पांच सांसद मिल चुके हैं, लेकिन विकास के नाम पर इस संसदीय क्षेत्र के हिस्से आज तक ऐसी कोई बड़ी योजना नहीं आ सकी, जो तराई क्षेत्र की विकास यात्रा को एक नया आयाम दे सके। वह इसलिए क्योंकि नैनीताल- उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र को आज तक ऐसा कोई जुझारू और कर्मठ प्रतिनिधि नहीं मिल सका, जो अपनी बलबूते पर इस उपेक्षित संसदीय क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार से लड़ झगड़कर कुछ हासिल कर सके। ऐसे में अब सवाल यह उठने लगा है कि नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा सीट के अंतर्गत उपेक्षित पड़े तराई क्षेत्र को कब ऐसा सांसद मिलेगा ? जो असल मायने में एक सच्चा जनप्रतिनिधि साबित हो सके।वैसे तो नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र में राज्य निर्माण के बाद के 23 वर्षों के इस लंबे समय में विकास के नाम पर कोई खास उपलब्धि नहीं है, फिर भी अगर इस संसदीय क्षेत्र की विकास यात्रा पर दृष्टिपात करें तो अब तक इस क्षेत्र में छिटपुट विकास कार्यों के अलावा ऐसा कोई बड़ा काम नहीं हुआ ,जिसे इस संसदीय क्षेत्र की विकास यात्रा का ‘माइलस्टोन’ कहा जा सके। एक अरसे से किसी बड़ी केंद्रीय सौगात राह तक रहे इस बदनसीब संसदीय क्षेत्र में विकास की बानगी केवल और केवल इतनी सी ही है कि कभी केंद्र द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर कोई योजना लॉन्च किए जाने पर किसी क्षेत्रीय सांसद ने किसी गांव को गोद ले लिया, तो किसी सांसद ने संसदीय हिस्से क्षेत्र के किसी हिस्से में कुछ सड़के बना दी अथवा किसी दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति के आश्रितों को सांसद निधि से थोड़ी बहुत सहायता राशि दे दी। नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से जुड़ा एक विशेष संयोग यह भी है की उत्तराखंड निर्माण के शुरुआती 4 वर्षों को छोड़कर,शेष 19 वर्षों की अब तक की अवधि में इस संसदीय क्षेत्र का सांसद सत्ता पक्ष का ही रहा है, बावजूद इसके उक्त संसदीय क्षेत्र को आज तक केवल छोटे-मोटे कार्यों के लॉलीपॉप से ही संतोष करना पड़ा है इस संसदीय क्षेत्र में कुछ सांसद तो ऐसे भी हुए हैं, जिन्होंने अपनी सांसद निधि के समुचित एवं विवेकपूर्ण इस्तेमाल में भी दिलचस्पी नहीं दिखाई और उनकी सांसद निधि वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लैप्स हो गई। कहने को तो इस नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र को विकास पुरुष एनडी तिवारी तथा वर्तमान केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट जैसे प्रतिनिधि भी मिले मगर दुर्भाग्यवश केंद्र की कोई बड़ी सौगात इस संसदीय क्षेत्र के हिस्से नहीं आ सकी। वर्तमान में जाम रानी बांध परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं रेलवे स्टेशन की पुनरुद्धार की जिन योजनाओं को आधार बनाकर तराई में विकास का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, वह केंद्र की सामान्य संचालित योजनाएं ही है और इन्हें हासिल करने की दिशा में संसदीय क्षेत्र के वर्तमान सांसद एवं केंद्रीय मंत्री का कोई खास योगदान नहीं है। बात विकास पुरुष स्वर्गीय एनडी तिवारी की करें तो वह नैनीताल लोकसभा सीट से सांसद तब चुने गए थे ,जब यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अंतर्गत था। हालांकि उत्तराखंड निर्माण के बाद तिवारी एनडी तिवारी को उत्तराखंड राज्य के सांसद के रूप में मान्यता मिली। लेकिन उस समय केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के कारण, कांग्रेस पार्टी के सांसद होने की वजह से एनडी तिवारी जैसा भारी भरकम नेता भी संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए कुछ खास ना कर सका यह अलग बात है कि उत्तराखंड के प्रथम विधानसभा चुनाव में ही एनडी तिवारी विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने तराई क्षेत्र में सिडकुल की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर ,तराई क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की एक नई इबारत लिखी।

एन.डी. तिवारी (10.10.99 से 8.8.2002)
पंडित तिवारी नैनीताल संसदीय क्षेत्र से उस समय सांसद चुने गए ,जब यह लोकसभा सीट उत्तर प्रदेश राज्य के अंतर्गत आती थी। 9 नवंबर 2000 से उत्तराखंड राज्य के सांसद के रूप में 8 अगस्त 2002 अपना कार्यकाल जारी रखा। उत्तराखंड विधानसभा के लिए निर्वाचित होने पर त्यागपत्र दे राज्य के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने।

महेंद्र सिंह पाल (2002 से 16 मई 2004)
नारायण दत्त तिवारी के इस्तीफे के बाद नैनीताल- उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र में हुए उपचुनाव में लोकसभा सांसद चुने गए। 16 मई 2004 को नई लोकसभा की गठन के साथ कार्यकाल समाप्त। पूरे कार्यकाल के दौरान केंद्र में विपक्ष की सरकार रहने के कारण संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ विशेष हासिल नहीं कर सके।

केसी सिंह बाबा (16 मई 2004 से 16 मई 2014)
14 वीं लोकसभा के लिए पहली बार  सांसद चुने गए. लगातार 10 वर्षों तक नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। पूरे कार्यकाल के दौरान केंद्र में उनकी ही पार्टी की सरकार रही ,मगर संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ विशेष हासिल करने में असफल रहे।

भगत सिंह कोश्यारी (16 मई 2014 से 23 मई 2019)
16 वीं लोकसभा के लिए नैनीताल -उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के लिए निर्वाचित हुए।पूरी कार्यकाल के दौरान केंद्र में नरेंद्र मोदी जैसे सक्षम प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार रही। इच्छा शक्ति दिखाते ,तो संसदीय क्षेत्र के लिए काफी कुछ हासिल कर सकते थे, परंतु संपूर्ण संसदीय कार्यकाल की कोई विशेष उपलब्धि नहीं।

अजय भट्ट (23 मई 2019 से अब तक)
17वीं लोकसभा के लिए नैनीताल- उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से पहली बार निर्वाचित। वर्तमान में केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री। नैनीताल- उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सदस्य के रूप में केंद्रीय मंत्री बनने वाले पहले सांसद। संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करके ही संतुष्ट। कुछ नया एवं विशेष करने में दिलचस्पी नहीं।

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