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नजूल भूमि पालिसी में गरीबों को 50 वर्ग गज तक के प्लाट को निःशुल्क फी-होल्ड करने की पहल शुरू

रूद्रपुर(उद ब्यूरोद्)। चुनाव जीतने के लिये जनता के साथ लुभावने वायदे करना सभी पार्टियों के एजेन्डे में होना आम बात है और सत्ता में आने के बाद उनके लिये उन वायदों पर खरा न उतरना उससे भी बड़ा एजेन्डा होता है। राज्य स्थापना के पश्चात उत्तराखण्ड में नजूल भूमि का मुद्दा भी कुछ ऐसा था। राज्य में पूर्ववर्ती सरकारें चाहे वह भले ही कांग्रेस की सरकार रही हो या फिर भाजपा की, दोनों ही पार्टियों द्वारा नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने का मुद्दा कई बार उछाला गया और इसके लिये जनता से कई बार वायदे भी किये गये लेकिन यह वायदे गरीबों के लिये केवल मुंगेरी लाल के सपने तक ही सिमटे रहे और कभी भी धरातल पर नही उतर पाये। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे भुवन चन्द्र खंडूडी द्वारा जरूर गरीबों के हित में सोचा गया और नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी में गरीबों को 50 वर्ग गज तक के प्लाट को निःशुल्क प्रफी-होल्ड करने की पहल शुरू की गई। लेकिन यह योजना भी केवल कागज तक ही सिमट तक रह गई। इसके पीछे मुख्य कारण प्रफी-होल्ड कराने की जटिल प्रक्रिया थी। जिसके चलते गरीब लोगों को इसका लाभ नही मिल सका। उसके बाद कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी से भी आम जनता को कोई विशेष राहत नही मिल पाई। नजूल भूमि को प्रफी-होल्ड कराना आम जनता को टेड़ी खीर लगने लगा। लोगों में कांग्रेस और भाजपा के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा था। मालिकाना हक का सपना संजोये बैठे लोग इतने परेशान हो गये कि उन्होंने 2018 में हुये निकाय चुनाव में सभी पार्टियों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा के नेताओं द्वारा लुभावने वायदे कर जनता को फिर मनाया गया और नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने का राग अलाप कर माहौल को अपने-अपने पक्ष में बनाने का प्रयास किया। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी नन्द लाल द्वारा समाचारों पत्रों में शपथ पत्र देते हुये नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिलाये जाने के विज्ञापन छपवाये गये।वहीं दूसरी और रूद्रफर नगर निगम के मेयर पद हेतु भाजपा की ओर चुनाव मैदान में उतरे रामपाल ने तो नजूल मुद्दे पर सौगन्ध तक खा ली कि जब तक मै नजूल भूमि पर बसे गरीब लोगों को उनका मालिकाना हक नही दिला पाऊंगा तब तक चुनाव जीतने के बाद भी मेयर की कुर्सी पर नही बैठूंगा। रामपाल की इस प्रतिज्ञा को लेकर राजनीतिज्ञ समीक्षक अलग-अलग विशलेषण कर रहे थे। उनका तर्क था कि नजूल भूमि पर पालिसी बनाना सरकार का विषय है इसमें नगर निगम कोई प्रावधान नही कर सकता। मगर रामपाल गैर राजनीतिक क्षेत्र से आये थे और उन्हें जनता के इस दर्द का पता था कि इतने वर्षो से रह रहे लोगों को आज तक मालिकाना हक न मिलने से कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जनता की इस समस्या को दिल पर लिया और अटल प्रतिज्ञा कर बैठे। मेयर का चुनाव जीतने के बाद रामपाल ने कभी भी अपनी प्रतिज्ञा का उल्लंघन नही किया और आम जनता को नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिये जाने को लेकर सरकार से निरन्तर पत्राचार करते रहे और मुख्यमंत्री फष्कर सिंह धामी से जनता की इस समस्या को हल कराने की जोरदार पैरवी की। यह नही कि नजूल भूमि का मामला इससे पूर्व कभी उठा ही नही बल्कि इससे पूर्व भाजपा से दो बार विधायक रह चुके राजकुमार ठुकराल द्वारा तो इस मुद्दे को कई बार विधानसभा के पटल पर उठाया जा चुका है। यहां तक कि जब नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी पर हाईकोर्ट से रोक लग गई थी तब इस रोक को सुप्रीम कोर्ट से हटवाने के लिये श्री ठुकराल ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखवाया गया था जिसके बाद ही नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी लागू हो पाई। वर्तमान विधायक शिव अरोरा और भाजपा के प्रदेश मंत्री विकास शर्मा भी नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी को लागू करवाने में जुटे रहे। इन सबसे ऊपर प्रदेश के मुख्यमंत्री फष्कर सिंह धामी भी इस आम जनता की इस समस्या से वाकिफ थे और वह भी चाहते थे कि लोगों को मालिकाना हक मिले। इसके लिये उन्होंने नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पालिसी में आवश्यक संशोधन कराते हुये नजूल भूमि पर बसे लोगों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद ही मेयर बनने से पूर्व रामपाल द्वारा ली गई सौगन्ध पूरी हो पाई और मुख्यमंत्री फष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में साढ़े चार साल बाद मेयर की कुर्सी पर विराजमान हुये। मेयर की कुर्सी पर बैठने के बाद रामपाल द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री फष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिये दिन-रात लगे हुये है। उन्होंने निगम का काफी स्टाफ लोगों की नजूल भूमि से सम्बंधित फाईलों को पूर्ण कराने में लगाया हुआ है जिसका लाभ आज पूरे क्षेत्र के लोगों को मिलता नजर आ रहा है। बहरहाल नजूल भूमि पर बसे लोगों की प्रफी- होल्ड कराने की फाईल तेजी से तैयार की जा रही है। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नजूल भूमि पर बसे लोगों का मालिकाना हक मिलने का जो सपना था शायद अब वह साकार हो पायेगा।

रूपये खर्च किये बगैर गरीबों को मालिकाना हक दिलाने में जुटे मेयर
रूद्रपुर। प्रदेश के युवा एवं हरदिल अजीज मुख्यमंत्री फष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिये नगर निगम हर प्रयास में जुटा हुआ है। मेयर रामपाल के अथक प्रयासों से प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री धामी की महत्वाकांक्षी योजना नजूल भूमि प्रफी-होल्ड पॉलिसी के तहत गरीब जनता के 50 वर्ग गज के प्लाटों को निःशुल्क प्रफीहोल्ड किये जाने की प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से चल रही है। लाल फीताशाही को दर-किनार करते हुये जनता के बीच जाकर कैम्प लगा कर पात्र लोगों की पत्रावलिया तैयार कराई जा रही है। पत्रावलिया तैयार करने में किसी को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिये नगर निगम द्वारा वैण्डर, शपथ पत्र हेतु नोटरी, फोटो कॉपी आदि की भी व्यवस्था की गई है। मेयर रामपाल ने एक मुलाकात में कहा कि पूर्व में बनी प्रफीहोल्ड पॉलिसी में इतनी जटिलताएं हुआ करती थी कि जिसके चलते कभी कोई गरीब अपना प्लाट प्रफी-होल्ड नही करवा पाया। पूर्व में प्रफी होल्ड की पत्रावलियों में 12 अधिकारियों/विभागों की रिपोर्टस और हस्ताक्षर हुआ करते थे। लेकिन इस बार पत्रावलियों में इसको सीमित करते हुये पटवारी,प्राधिकरण,नगर आयुक्त,एडीएम और डीएम के हस्ताक्षर से ही इसको पूर्ण कराया जा रहा है। मेयर रामपाल ने दावा किया कि 50 वर्ग गज के प्लाट के प्रफीहोल्ड के लिये पात्र व्यक्ति का एक रूपया भी खर्च नही होने दिया जा रहा है। पत्रावलियों में लगने वाला फार्म, शपथ पत्र, नोटरी आदि का खर्चा नगर निगम द्वारा वहन किया जा रहा है। पात्र व्यक्ति से सिर्फ हस्ताक्षर कराये जा रहे हैं। मेयर ने कहा कि यदि किसी के पास गृहकर,जल कर की रसीद नही है तब भी किसी को कोई घबराने की जरूरत नही है। पात्र व्यक्ति 2011 से पूर्व का अपना निर्धारित कोई सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत कर भी प्रफी होल्ड कराने के लिये अपनी पत्रावलियां तैयार करवा सकता है। उन्होंने बताया कि नजूल भूमि को प्रफी-होल्ड कराने के लिये आदर्श बंगाली कालोनी में कैम्प लगाया जा चुका है। जहां अभी तक 780 से अधिक पत्रावलियां घर-घर जाकर पूर्ण कराई जा चुकी है। जिसमें से पहले चरण में 500 पत्रावलियों को अपर जिलाधिकारी ;नजूलद्ध कार्यालय में आज-कल में भिजवाया जा रहा है। मेयर ने बताया कि सितम्बर माह के अन्त तक लगभग 900 पत्रावलियां पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुये कहा कि वह किसी भी दलाल के बहकावे में आकर उनके चंगुल में न फंसे। उन्होंने कहा कि आम जनता निश्चित रहे,एक-एक कर सभी क्षेत्रों में कैम्प लगाये जायेंगे। समय अवधि तक यह प्रक्रिया अनवरत जारी रहेगी। जनता को सिर्फ एक काम यह करना है कि वह अपने क्षेत्र में लगने वाले कैम्प में पहुंचकर अपनी निःशुल्क पत्रावलियां तैयार करवा ले। उसके बाद सारे काम नगर निगम अपने आप निपटा लेगा। इस पूरे काम में पात्र व्यक्ति को कोई रूपया खर्च नही करना सिर्फ उसे अपने मात्र हस्ताक्षर करने है। मेयर रामपाल ने कहा कि बरसों से नजूल भूमि पर बसे गरीब लोगों को मालिकाना हक दिलाया जाना उनका मुख्य ध्येय था जो आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री धामी की दूरदर्शिता से पूर्ण हो रहा है, इसके लिये वह मुख्यमंत्री श्री धामी के जीवनभर आभारी रहेंगे। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुये कहा कि यदि किसी को भी प्रफी होल्ड कराये जाने में कोई अड़चन आ रही है तो वह उनके कार्यालय में आकर उनसे सम्पर्क कर सकता है। उसे किसी भी प्रकार से निराश होने की जरूरत नही है क्योकि प्रफी होल्ड प्रक्रिया पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ बिना किसी भेदभाव के साथ चल रही है।

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