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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत कई हस्तियों ने दिया नियमित योग कर स्वस्थ रहने का संदेश

योग को दुनिया तक ले जाने में देवभूमि का अहम योगदानः तीरथ
देहरादून/नैनीताल । प्रदेश भर में आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सादगी के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने घर पर ही योगाभ्यास कर कोरोना महामारी से बचाव के लिये योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। देहरादून में योग दिवस पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सीएम तीरथ सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने योगाभ्यास किया। वहीं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अरविंद पांडे, विबशन सिंह चुफाल, धन सिंह रावत समेत भाजपा विधायको ने अपने आवास पर योगासन किया।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने योग दिवस पर आयोजित योगाभ्यास का उदघाटन किया। इस दौरान कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए योगाभ्यास किया गया। इस दौरान सीएम ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का ही परिणाम था कि योग की वजह से भारत की विश्व में विशिष्ट पहचान मिली। योग को देश और दुनिया तक ले जाने में देवभूमि उत्तराखंड का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वस्थ जीवन के लिए सभी को नियमित योग करना होगा। वहीं, आयुष और आयुष शिक्षा मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड का योग से काफी पुराना संबंध है। हिमालय में ऋषि-मुनियों द्वारा कन्दराओं और गुफाओं में प्राचीन समय से योग किया जाता था।

यहां भूमि से निकलकर योग देश और दुनिया तक फैल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वसुधैव कुटुम्बकम की बात की और योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंडवासी सौभाग्यशाली हैं कि यह योग भूमि होने के साथ ही हम शुद्ध पर्यावरण के बीच रह रहे हैं। चरक डांडा में आयुर्वेदिक शोध संस्थान बनाया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव आयुष चन्द्रेश यादव, कुलपति उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय प्रो. सुनील कुमार, निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डाॅ. एम. पी. सिंह, जिलाधिकारी देहरादून डाॅ. आशीष कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। नैनीताल- अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नैनीताल राजभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। अपने सम्बोधन में राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि योग भारतीय जीवन पद्धती में हमेशा से शामिल रहा है। ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ विश्व पटल पर भारतीय योग की स्वीकार्यता को एक साथ मिलकर मनाने का अवसर है।राज्यपाल ने कहा कि योग आध्यात्मिक, मानसिक और शाररिक अनुशासन है जिससे न सिर्फ शारीरिक अभ्यास या व्यायाम बल्कि विचारों और कार्याे के बीच संतुलन और ताल-मेल स्थापित किया जा सकता है। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट में पूरे विश्व ने आयुर्वेद और योग की उपयोगिता को और अधिक समझा और इसके लाभ के महत्व को जानकर इसे अपनाया है। हम सभी को अपनी इस प्राचीन परम्परा को पूरे गौरव के साथ अपनी आने वाली पीढ़ियों को सीखाना, समझाना और सौंपना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि योग करने के लिए उम्र की कोई बाधा नहीं है इसलिए हर वर्ग को योग पूरे उत्साह से करना चाहिए। योग स्वस्थ तन, मन और व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम है।

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