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हरदा ने भी किया भजन कीर्तन,श्रीराम मंदिर निर्माण की दी बधाई

देहरादून। उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत भी अपसी सियासी जुगलबंदियों से चर्चाओं का केंद्र बन गये है। आवास पर भजन कीर्तन करते दिखे। अपने फेसबुक पेज पर पूर्व सीएम कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कुछ वीडियो पोस्ट किये हैं जिसमें वह अपनी पत्नी रेणुका रावत सहित अन्य सदस्यों के साथ ढोलक व चिमटे बजाकर श्रीराम भजन की धुन गुनगुना रहे हैं। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण के शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम को कारोना महामारी की वजह से संक्षिप्त रखा गया हैं। हांलाकि भूमि पूजन में सिर्फ धार्मिक महापुरूषों को आमंत्रित करने एवं कांग्रेस समेत विभिनन राजनीतिक संगठनों के प्रमुखों को नहीं बुलाने को लेकर भी भीतरखाने सियासी बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर भाजपा के समर्थक लगातार श्री राम मंदिर बनाने की खुशी का इजहार करने के साथ ही कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं जबकि विपक्ष ने अब तक किसी भी तरह की टिप्पणी आमंत्रण को लेकर नहीं की है। जबकि कई वरिष्ठ नेताओं ने आपसी सौहार्द की अपील करते हुए श्री राम को सबके अराध्य बताकर देशवासियों को बधाई दी है। फेैसबुक पर अपी पोस्ट में हरदा ने लिखा है कि आज भारतवर्ष के मानसिक वक्ष स्थल से बोझ हट गया है, यह बोझ भारतवर्ष के आराध्यदेव श्री राजा रामचंद्र जी का अयोध्या में राष्ट्रीय भावना का प्रतीक मंदिर का निर्माण न होने का था। अब मंदिर का शिलान्यास संपन्न हो चुका है, संपूर्ण राष्ट्र प्रसन्नचित है। भक्त शिरोमणि तुलसीदास जी ने कहा है, “होई वही, जो राम रचि राखा”। मंदिर निर्माण के प्रयास अतीत में भी हुये, मूर्ति स्थापना, ताला खोलने, मंदिर के शिलान्यास के साथ रामराज की स्थापना का संकल्प, सभी प्रधानमंत्रियों ने मंदिर निर्माण के सर्वमान्य निर्णय पर पहुंचने के प्रयास किये, देश का इतिहास इन प्रयासों को विस्मृत नहीं करेगा, अनंतोगत्वा हुआ वही जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम चंद्र जी ने रच कर रखा हुआ था। राष्ट्रीय सहमति आधारित माननीय सुप्रीम कोर्ट का सर्वसम्मत अभूतपूर्व न्यायिक निर्णय, ऐसा निर्णय जिसका सबने मर्यादित भाव से स्वागत किया। आज न्यायिक निर्णय के महान आलोक में न्याय प्रिय मर्यादाधारक, गरीब, वत्सल, दीनबंधु, मातृ-पितृ गुरु आज्ञापालक, बलिदान व वीरता की प्रतिमूर्ति “सर्वजन सुखाय-सर्वजन हिताय” के अक्षुण स्रोत, तारणहार राजा रामचंद्र जी के भव्य मंदिर की आधारशिला रखी गई है। आज सबका मन राम काज की भावना से सराबोर है, भगवन यही भावना हमेशा-हमेशा मेरे भारत का पथ-प्रदर्शन करती रहे।

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