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अब उत्तराखंड के सभी प्रवासियों की निशुल्क घर वापसी

घर वापसी की डगर….नहीं आसान..चैदह दिन का क्वारंटाईन अनिवार्य
देहरादून(उद ब्यरो)। उत्तराखंड सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले सभी यात्रियों का खर्च स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने में जुटी हुई है। उत्तराखंड के बाहरी प्रदेशों में फंसे 1.64 लाख लोगों ने वापस आने के लिए पंजीकरण कर चुके हैं। इनमें से 8368 लोगों को वापस लाया जा चुका है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का कहना है कि गांव में प्रधानों को वापस आने वालों पर नजर रखने को कहा गया है। वहीं राज्य के विभिन्न जनपदों में फंसे लोगों को भी गृहजनपदों में भेजने के लिये पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।प्रवासियों की वापसी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।हांलाकि सरकार ने अब सभी प्रवासियों को निशुल्क सेवा देने का फैसला लिया है। सरकार की योजना चरणबद्ध रूप से प्रवासियों को वापस लाने की है जबकि अनिवार्य स्क्रीनिंग व आरोग्य सेतु एप की जानकारी लेने के लिये कहा गया है। ऐसे में सवाल भी खड़े हो रहे है कि आखिर पहाड़ लौटने वाले इन लोगों को क्वारंटाईन करने का फार्मूला कितना कारगार होगा। हांलाकि उत्तराखंड वापस आने वाले यात्रियों में अब तक कोई कोरोना संक्रमित नहीं निकला है। इसके साथ ही वह महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और अन्य लोगों की भी सहायता ले सकते हैं। बात न मानने वालों पर मुकदमा दर्ज करने का अधिकार भी प्रधानों को दिया गया है। राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि सभी प्रवासियों को 15 दिन के अंदर वापस लाया जाएगा। दक्षिण के राज्यों से भी प्रवासियों को लाया जाएगा। यह प्रवासी लोग महाराष्ट्र, गुजरात, पुणे, केरल से आएंगे। इनकी सूची राज्य रेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। हरिद्वार और काठगोदाम में इन यात्रियों को लाया जाएगा। उससे आगे उनके जिलों में छोटे वाहनों से उन्हें भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन यात्रियों का समस्त खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अलावा विदेशों में फंसे हुए लोगों को भी बाहर निकाला जाएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। विदेश में रहने वाले लोगों को दूतावास में अपना पंजीकरण कराना होगा। उत्तराखंड सरकार सबसे पहले चंडीगढ़ से 3500 प्रवासियों को वापस देवभूमि ले आयी थी जिसके बाद उन सभी प्रवासियों ने त्रिवेंद्र सरकार की जमकर प्रशंसा भी की और अब राज्य सरकार का अगला लक्ष्य  गुरुग्राम है जहाँ फंसे 3000 लोगों को लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। गुरुग्राम में फंसे लोगों को लाने के लिए रोडवेज की 103 बसों को बुधवार देर शाम रवाना भी कर दिया गया है।

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