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उद संवाददाता
किच्छा । किच्छा की रामलीला में उद्घाटन से पहले ही सियासी महाभारत सा माहौल देखने को मिल रहा है। चर्चा है कि क्षेत्रीय विधायक से विधायक निधि और व्यक्तिगत सहयोग लेने के बावजूद भी उद्घाटन और समापन समारोह में उन्हें सम्मान देना तो दूर की बात विधायक को निमंत्रण पत्र भी नहीं दिया गया। यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें किच्छा में रामलीला का संचालन नवयुवक कला केंद्र द्वारा पिछले कई वर्षों से किया जाता रहा है। रामलीला के संचालन में शहर भर के लोग लंबे समय से सहयोग करते रहे हैं। बताया जा रहा है कि रामलीला कमेटी द्वारा विधायक राजेश शुक्ला से रामलीला प्रांगण में विकास कार्य हेतु विधायक निधि से सहयोग की बात की गई थी जिस पर विधायक राजेश शुक्ला ने विधायक निधि के माध्यम से लगभग 12 लाख रुपए की धनराशि दी थी। यही नहीं कम पड़ने पर विधायक शुक्ला ने व्यक्तिगत रूप से भी 1 लाख की धनराशि का सहयोग किया था। विधायक शुक्ला के समर्थकों में रामलीला कमेटी के निर्णय से बेहद नाराजगी देखी जा रही है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि व भाजपा नेता धर्मराज जयसवाल का आरोप है कि शहर में रामलीला का संचालन क्षेत्र के सभी लोगों के सहयोग से होता है। भगवान श्री राम के आदर्शों पर संचालित हो रहे इस रामलीला के संचालन को किसी भी प्रकार से राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। जायसवाल का कहना था क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला एक राजनेता से पहले किच्छा के विधायक हैं। शिष्टाचार की दृष्टि से उनका सम्मान किया जाना चाहिए। रामलीला कमेटी ने किच्छा शहर के किसी भी सामाजिक व धार्मिक व्यक्ति को उद्घाटन व समापन में मुख्य अतिथि नहीं बनाया जो किसी न किसी रूप में रामलीला कमेटी के भीतर सियासत होना दर्शाता है। इधर दूसरी ओर जनता में भी इस बात को लेकर बेहद हैरानी है कि रामलीला कमेटी ने उद्घाटन व समापन दोनों ही मौकों पर किच्छा विधायक को नहीं बुलाया है। यही नही उन्हे निमंत्रण तक नही दिया गया। यह अलग बात है कि उद्घाटन और समापन में मुख्य अतिथियों का निर्णय लेना राम रामलीला कमेटी का अपना अधिकार है। किंतु लोगों में चर्चा है कि रामलीला कमेटी पूरे शहर के सहयोग से चलती है,लिहाजा जनता की बात भी कमेटी के लोगों को सुननी चाहिए।

रामलीला कमेटी को मेरा सदा सहयोग रहता है और आगे भी रहेगा मैंने विधायक निधि से जो भी बन पड़ा वह रामलीला के लिए किया। लगभग 13 लाख विधायक निधि से देने के बावजूद भी कम पड़ने पर एक लाख व्यक्तिगत रूप से भी दिया था। शहर के तमाम धार्मिक स्थानों के लिए जो बन पड़ता है, मैं वह करता हूं और आज भी करता रहूंगा। रामलीला कमेटी ने उद्घाटन और समापन के मौके पर सम्मान देना तो दूर मुझे निमंत्रण पत्र भी नहीं दिया,इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता।
राजेश शुक्ला,विधायक किच्छा

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