स्वामी रामदेव का बड़ा बयान: वंदे मातरम का अर्थ पूजा नहीं भारत माता की वंदना और राष्ट्र को नमन करना है
हरिद्वार। योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘वंदे मातरम’ के अर्थ और उसके महत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का अर्थ भारत माता की वंदना और राष्ट्र को नमन करना है। इसे किसी विशेष देवी-देवता, मंदिर या मठ की पूजा से जोड़ना उचित नहीं है।रामदेव ने कहा कि भारत माता ही दुर्गा, लक्ष्मी, धर्म, विद्या और सर्वस्व का स्वरूप हैं। उनके मुताबिक, ‘वंदे मातरम’ का सीधा अर्थ है मैं भारत माता को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत माता को विद्या, धर्म या मंदिर जैसी उपमाओं से विभूषित करना राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण का भाव है, इसे किसी विशेष धार्मिक उपासना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।योग गुरु ने कहा कि भारत माता ही हमारी वाणी और विद्यादायिनी मां हैं। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो वंदे मातरम को मठ-मंदिर या किसी विशेष देवी-देवता की पूजा से जोड़ते हैं। रामदेव ने ऐसे तर्कों को ‘बौद्धिक दिवालियापन’ बताते हुए कहा कि संस्कृत और भारतीय संस्कृति की मूल भावना को समझने की जरूरत है।स्वामी रामदेव ने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र, मरीज, जवान, किसान, अनुसूचित जाति-जनजाति या ब्राह्मणकृकिसी के साथ भी अन्याय संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।उन्होंने ब्राह्मणों के अपमान को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि किसी भी समुदाय या वर्ग का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। रामदेव ने संन्यासियों के प्रति बढ़ते अपमानजनक व्यवहार पर भी चिंता जताई और समाज में सम्मान एवं संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों से विकास और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों पर असर पड़ता है। एक साथ चुनाव होने से व्यवस्था में बदलाव आएगा और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।कंगना रनौत से जुबानी जंग पर बोले रामदेव: कंगना रनौत के साथ चल रही जुबानी जंग को लेकर पूछे गए सवाल पर रामदेव ने बिना नाम लिए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और संबंधित लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।रामदेव ने कहा कि ‘स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है और स्वामी रामदेव का योगदान क्या है, ये देश जानता है।’ उन्होंने कहा कि वह ‘ओछे लोगों’ के बारे में टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।दरअसल, सर कारी नौकरी के इंटरव्यू में कथित गड़बड़ियों को लेकर रामदेव ने सवाल उठाए थे और आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद कंगना रनौत ने उनके बयान पर तंज कसा था। इसी के बाद दोनों के बीच बयानबाजी का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब भी चर्चा में है।
