तो सात दिन की भागवत कथा करनी पड़ेगी…. अमित शाह ने की धामी के कार्यकाल की सराहना, कांग्रेस और हरीश रावत पर साधा निशाना
देहरादून। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में शाह ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद धामी सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि निवेश सम्मेलन के दौरान आए प्रस्तावों में से करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश अब उद्योगों के रूप में जमीन पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जिसने सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू कर इसे धरातल पर उतारा। अमित शाह ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसने अपने शासनकाल में उत्तराखंड के लिए ऐसा कौन सा काम किया, जिसे प्रदेश की जनता आज भी याद करती हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक उत्तराखंड को मनीऑर्डर इकोनॉमी के भरोसे छोड़ दिया था। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने प्रदेश में धन का सृजन करने वाले उद्योगों और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के कार्यकाल में बने सड़क नेटवर्क और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में कुंभ मेले के वैज्ञानिक ढंग से आयोजन का भी उल्लेख किया। सीमावर्ती क्षेत्रें की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस सरकार चीन की ओर से घुसपैठ की आशंका जताकर सीमांत क्षेत्रें के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती थी, जबकि भाजपा सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रें में सड़कों का निर्माण कराया है। उन्होंने कहा कि आज देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और कोई भी देश की सीमाओं में घुसने की हिम्मत नहीं कर सकता। केंद्रीय गृह मंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने इसे लागू करके मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यूसीसी का विरोध करते हैं, लेकिन देश में समान कानून व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी को चार शादियां करने की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में अब बहुविवाह और तीन तलाक जैसी प्रथाओं पर रोक लगी है। शाह ने यह भी कहा कि देश के 15 राज्यों में यूसीसी लागू करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। उन्होंने धामी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में बिना किसी सिफारिश के 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। राज्य में धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया गया है। पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने विकास के कई बड़े कार्य किए हैं। इनमें दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण और किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास कार्यों का विस्तार से उल्लेख करने लगें तो सात दिन की भागवत कथा करनी पड़ेगी।



राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रें में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया। इसके साथ ही छह लोगों को बाल वीरता पुरस्कार और दो लोगों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। समारोह में 1474 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता समझ चुकी है कि कांग्रेस के नेता लोगों के बीच भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां छात्रें की आवाज उठाने के बजाय झूठ की गूंज सुनाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त नकलरोधी कानून बनाया है, जिसके बाद युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक विकास प्राधिकरण बनाया है, ताकि सभी को समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो सकें। अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने अंकिता के हत्यारों को सजा दिलाने का काम किया है। इसके बावजूद कांग्रेस इस मामले को लेकर जनता के बीच गलत प्रचार कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर अपने शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों और जेनी प्रकरण जैसे मामलों को भूलने का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन नए आपराधिक कानून लागू किए हैं और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे फैसलों से देश की एकता और मजबूती बढ़ी है। उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति कलर से सम्मानित किए जाने पर उन्होंने पूरे प्रदेश को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों की अपेक्षाओं और सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। धामी ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काना उचित नहीं है। चुनाव जीतने पर सब कुछ ठीक बताया जाता है, लेकिन हारने पर कभी चुनाव आयोग तो कभी ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया जाता है। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को घुसपैठिया कहा जाता है, लेकिन कुछ लोग उत्तराखंड के मूल निवासियों को ही घुसपैठिया कह रहे हैं।


