दिल्ली में हाई अलर्ट: ममता बनर्जी, केजरीवाल समेत कई नेता हिरासत में, 1,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पकड़े
नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी प्रदर्शन में शामिल
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और नेताओं की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं को हिरासत में लेने का दावा
बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके से हिरासत में लिया गया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और अन्य नेताओं को भी पुलिस अपने साथ ले गई।टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ममता बनर्जी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी ने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस, आपकी हिम्मत कैसे हुई?’ पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का जवाब बातचीत से दिया जाना चाहिए, न कि गिरफ्तारियों से।
अरविंद केजरीवाल भी हिरासत में लिए जाने की खबर
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी स्पष्ट होना बाकी है। विपक्षी दलों के कई नेता और कार्यकर्ता सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।
नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी प्रदर्शन में शामिल
सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और उनके साथियों को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।जानकारी के मुताबिक, नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, माकपा नेता दीपांकर भट्टाचार्य और अंजलि दिल्ली हाट के पास पहुंचकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।वहीं, केरल भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाती रही और उन्हें यह नहीं बताया गया कि आगे कहां ले जाया जाएगा।
बैरिकेडिंग तोड़ने और झड़प की खबर
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश की।आकाशवाणी भवन के पास पुलिस पर कथित पथराव की भी खबर है, जिसमें दो पुलिसकर्मियों के घायल होने का दावा किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस अफरा-तफरी में एक युवक के सिर में चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है।कुछ रिपोर्टों में पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने का भी दावा किया गया है। इन घटनाओं, घायलों की संख्या और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कुछ वकीलों की रिहाई
प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए कुछ वकीलों को रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, रिहा किए गए वकीलों की संख्या और हस्तक्षेप से संबंधित विस्तृत परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।
अभिजीत दीपके को दादी के निधन की सूचना
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें उनकी दादी के निधन की सूचना दे दी गई है।सूत्रों के अनुसार, अब दीपके को यह तय करना है कि वह हिरासत में रहते हुए आंदोलन जारी रखना चाहते हैं या अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वापस जाना चाहते हैं। इस संबंध में दीपके की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।विपक्षी नेताओं की हिरासत, प्रदर्शनकारियों के साथ कथित झड़प और बड़ी संख्या में लोगों को पकड़े जाने की खबरों के बीच राजधानी में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों की वास्तविक संख्या, नेताओं की स्थिति और घटनाओं पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।


