7,045 मीटर ऊंची चोटी पर फहराया 2,500 वर्ग फुट का उत्तराखंड ध्वज
भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में पहली बार 7,000 मीटर से ऊंची चोटी का सफल आरोहण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भारतीय तटरक्षक बल और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई), दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दल का फ्लैग-इन किया। अभियान दल ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में यह पहली बार है, जब उसके अभियान दल ने 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा अभियान पूरा किया। इस उपलब्धि को लेकर मुख्यमंत्री ने दल के सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इतनी ऊंचाई पर पहुंचना पर्वतारोहियों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और टीम भावना का परिचायक है। यह उपलब्धि भारतीय तटरक्षक बल के साथ-साथ पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता, बेहतर प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान साहस, शौर्य और समृद्ध पर्वतारोहण परंपरा से जुड़ी रही है। राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को यह अभियान समर्पित किया जाना विशेष महत्त्व रखता है। अभियान दल द्वारा माउंट मुकुट ईस्ट के शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखंड ध्वज फहराया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि उत्तराखंड की गौरवशाली यात्रा और हिमालय के साथ उसके गहरे सांस्कृतिक एवं भौगोलिक जुड़ाव को भी प्रदर्शित करती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समुद्र में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले जवानों द्वारा हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों पर इस तरह की उपलब्धि हासिल करना उनके साहस, उत्कृष्ट प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने की क्षमता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माउंट मुकुट ईस्ट अभियान के दौरान प्राप्त अनुभव वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों और सफलता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान युवाओं को साहसिक गतिविधियों, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने में भी सहायक होते हैं।

2027 में एवरेस्ट अभियान की तैयारी
इस अवसर पर एचएमआई, दार्जिलिंग के प्राचार्य एवं अभियान दल के नेतृत्वकर्ता कर्नल रजनीश जोशी ने अभियान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है। स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के तहत माउंट मुकुट ईस्ट का पर्वतारोहण अभियान आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एवरेस्ट अभियान के लिए पर्वतारोहियों के चयन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग को सौंपी गई है। माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण इस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों, कम तापमान, ऊंचाई पर उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और टीम के समन्वय से जुड़े महत्त्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक डी.एस. चौहान, कमांडेंट अमित उनियाल, कमांडेंट विश्वजीत सिंह, एचएमआई दार्जिलिंग के प्राचार्य कर्नल रजनीश जोशी, पासांग तेनजिंग शेरपा सहित अभियान दल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


