धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का खुलासा: महिला और भाई गिरफ्तार, लोहे की रॉड से सिर पर किए थे वार, शव गोमती नदी में फेंका
बागेश्वर: अधिवक्ता और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू हत्याकांड का बागेश्वर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को कोतवाली में एसपी बागेश्वर जितेंद्र मेहरा ने मीडिया से वार्ता करते हुए हत्याकांड का खुलासा किया । पुलिस के अनुसार, महिला ने धीरेंद्र के सिर पर लोहे की रॉड से दो वार किए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद महिला ने अपने भाई के साथ मिलकर शव को कार में रखकर गोमती नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार भी बरामद कर ली है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लता भंडारी (42), निवासी नुमाइशखेत, बागेश्वर और त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39), निवासी कठायतबाड़ा, बागेश्वर के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
17 अक्टूबर से लापता थे धीरेंद्र परिहार
पुलिस के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2026 को धीरेंद्र परिहार की मां नंदी परिहार पत्नी गोविंद सिंह ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनका 35 वर्षीय बेटा धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 79/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस उपाधीक्षक के निर्देशन और कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की।
मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी से मिला सुराग
धीरेंद्र की तलाश के लिए पुलिस ने उनके घर के आसपास और शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सार्वजनिक स्थानों पर गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए और मोबाइल सर्विलांस के जरिए उनके फोन नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया।जांच में सामने आया कि धीरेंद्र लगातार एक संदिग्ध मोबाइल नंबर के संपर्क में थे। गुमशुदगी वाले दिन भी उनकी आखिरी बातचीत इसी नंबर पर हुई थी। पुलिस ने जब नंबर की जानकारी जुटाई तो वह नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी के नाम पर दर्ज मिला।शुरुआत में पूछताछ के दौरान महिला ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और निगरानी बढ़ाई।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धीरेंद्र की जुपिटर स्कूटी 2 नवंबर को नुमाइशखेत के चिल्ड्रन पार्क के पास खड़ी की गई थी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में 19 अक्टूबर की देर रात संदिग्ध महिला की कार की आवाजाही भी दिखाई दी। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने महिला से दोबारा गहन पूछताछ की।
महिला ने कबूला हत्या का जुर्म, भाई के साथ मिलकर ठिकाने लगाया शव
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में लता भंडारी ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचे थे। महिला के बयान के मुताबिक, इस दौरान धीरेंद्र ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया।पुलिस के अनुसार, महिला ने गुस्से में आकर घर में रखी लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो बार वार कर दिया। इससे वह जमीन पर गिर पड़े और उन्हें होश नहीं आया। इसके बाद महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया।महिला ने पुलिस को बताया कि 18 अक्टूबर की सुबह उसने अपने भाई त्रिभुवन उर्फ बबलू को कठायतबाड़ा जाकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसका भाई रात में उसके घर पहुंचा। दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक, रात में दोनों ने शव को मैग्नाइट कार की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग के पास थुनाई बैंड से नीचे नदी में फेंक दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर शव और हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर सर्च अभियान चलाया। 3 नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से धीरेंद्र परिहार का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया गया।इसके साथ ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार को भी बरामद कर लिया। शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।पुलिस ने मामले में दर्ज मुकदमे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 61(2) के तहत संशोधित किया है। मामले की विवेचना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल उपाध्याय ने संभाल ली है। पुलिस वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में किया जाएगा पेश
पुलिस ने हत्याकांड में लता भंडारी और त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जा रहा है।इस हत्याकांड के खुलासे के बाद बागेश्वर में लोगों में आक्रोश है। अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या से वकीलों, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में पहले से ही नाराजगी थी। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और कठोर सजा की मांग की है।


