‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस का सचिवालय कूच, बैरिकेडिंग पर चढ़े गोदियाल, यशपाल और प्रीतम, हरक सिंह की बिगड़ी तबीयत
जब तक खड़गे का अपमान करने वाले दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे
देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून में सचिवालय कूच किया। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में सचिवालय के लिए रवाना हुए। सुभाष रोड पर सचिवालय से पहले पुलिस ने डबल लेयर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। बाद में पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने वाहन से अस्पताल ले गई। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक ममता राकेश, रवि बहादुर, लखपत सिंह बुटोला समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस का आरोप है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिसे पार्टी ने खड़गे के साथ-साथ अनुसूचित जाति समाज का अपमान बताया है। कांग्रेस ने पहले राज्यपाल से भी कार्रवाई की मांग की थी और अब दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। यशपाल आर्य ने कहा कि “पार्टी इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है। जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती और उन्हें दंड नहीं मिलता, कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और आंदोलन जारी रखेगी।” गणेश गोदियाल ने कहा कि“कांग्रेस इस हमले के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी। जब तक खड़गे का अपमान करने वाले दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। शुद्धिकरण की इस घटना को 20 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। असली लड़ाई संविधान में विश्वास रखने वालों और भाजपा की विचारधारा के बीच है।” कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और संविधान में समानता के सिद्धांत से जुड़ा मामला है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने तक प्रदेशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस ने इससे पहले भी इस प्रकरण को लेकर हल्द्वानी में प्रदर्शन और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन दिए हैं।

निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग
कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर थाना, नेहरू कॉलोनी थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अजबपुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचकर ज्ञापन दिया। नेताओं ने कहा कि किसी राष्ट्रीय नेता के कार्यक्रम स्थल के मंच का कथित शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक सद्भाव, समानता और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर थाने में भी तहरीर दी। पीसीसी सदस्य एवं प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के तीन सप्ताह बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी क्रम में नगर निगम पार्षद आयुष गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस महानिरीक्षक का पुतला दहन कर विरोध जताया गया। महानगर अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा सुरेंद्र कुमार घेयल ने भी एसएसपी को पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
