कोसी क्षेत्र में वन भूमि से 80 से अधिक आशियानों पर बुलडोजर एक्शन
सुबह 6ः30 बजे शुरू हुई कार्रवाई, भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात, सदमे में तीन लोगों की बिगड़ी तबियत
रामनगर (उद संवाददाता)। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार सुबह प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया। सुबह करीब 6ः30 बजे भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। अभियान के दूसरे चरण में करीब 80 से 82 परिवारों के कच्चे और पक्के मकानों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और वन विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी, फायर टीम तथा अन्य विभागों के कर्मचारी तैनात हैं। दोपहर तक कार्रवाई जारी थी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने और घायल होने का मामला भी सामने आया है। तीनों को एंबुलेंस की मदद से रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। इनमें 34 वर्षीय समसाद हुसैन अपने मकान की छत से नीचे गिरकर घायल हो गए, जबकि 25 वर्षीय मोबिना बी मकान पर बुलडोजर चलता देखकर तनाव में बेहोश हो गईं। वहीं 45 वर्षीय फातमा की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनका रक्तचाप बढ़ने के कारण बेहोश होने की बात सामने आई है। उन्हें हृदय संबंधी परेशानी की आशंका भी जताई गई, हालांकि हार्ट अटैक की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। अपर कोसी क्षेत्र में यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे चरण के तहत की जा रही है।

प्रशासन की ओर से पहले 90 से अधिक परिवारों को हटाने की तैयारी की गई थी, लेकिन करीब नौ से दस परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। शेष 80 से 82 परिवारों के मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में इसी क्षेत्र में अभियान के पहले चरण के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। प्रशासन की कार्रवाई की तैयारी के बीच शुक्रवार देर रात से ही प्रभावित परिवारों ने अपने मकानों को खुद तोड़ना शुरू कर दिया था। कई परिवारों के लोग घरों से ईंटें, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते नजर आए। शनिवार सुबह प्रशासनिक अमले ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। बुलडोजर की कार्रवाई के साथ ही क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों में मायूसी और चिंता का माहौल था। महिलाएं और पुरुष अपने आशियाने उजड़ने की आशंका में रोते बिलखते नजर आए। प्रभावित लोगों का कहना था कि ठंड के मौसम में मकान हटने के बाद वे अपने बच्चों और परिवार को लेकर कहां जाएंगे। कई परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने का संकट खड़ा हो गया है। अभियान के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को चार सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया है। वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अतिक्रमण हटाने के दौरान 34 वर्षीय समसाद हुसैन अपने मकान की छत से नीचे गिरकर घायल हो गए। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ- गौरव सुंद्रियाल के अनुसार समसाद के सिर के दाहिने हिस्से और पीछे की ओर चोट आई है। उनके घाव पर टांके लगाकर प्राथमिक उपचार किया गया। उन्होंने बेहोशी, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत नहीं की। वहीं 25 वर्षीय मोबिना बी अपने मकान पर बुलडोजर चलता देखकर तनाव में आ गईं और बेहोश हो गईं। उन्हें भी तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा 45 वर्षीय फातमा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। उनके पुत्र शादाब के अनुसार परिवार के लोग देर रात से ही घर का सामान हटाने में जुटे थे। शनिवार को प्रशासन की कार्रवाई के दौरान उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।


