मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करें! दिल्ली की किलेबंदी पर CJI की टिप्पणी,जंतर-मंतर के अलावा दूसरी जगह पर विचार करे सरकार
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन को देखते हुए रेल और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों की खबरों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित तरीके से चलाया जाए। अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी दूसरे स्थान पर विचार करने का सुझाव भी दिया।शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाने और उन्हें नियंत्रित तरीके से संचालित करने में अंतर है। मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करें, पीठ ने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। खबर के मुताबिक, दिल्ली आने वाली करीब 250 ट्रेनें रद्द किए जाने और 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। शुक्रवार देर रात से रेल और सड़क मार्गों से दिल्ली में प्रवेश पर भी कड़े नियंत्रण की बात कही गई है।प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। कई इलाकों में बैरिकेडिंग और वाहनों की जांच की जा रही है। जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से 221 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इनमें करीब 23 हजार जवान होने की बात कही गई है। महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह सुझाई
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर के अलावा किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की संभावना तलाशने को कहा। पीठ की टिप्पणी परिवहन सेवाओं को बाधित किए बिना कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के संदर्भ में आई।अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय जरूरत के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
अभिजीत दीपके बोले- सरकार युवाओं से डर रही है
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले मुंबई से जारी बयान में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और जेनजी से डर रही है तथा आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं।दीपके ने कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद युवा डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं से डर रही है, तो उसे पूरे देश को बंद कर देना चाहिए।सीजेपी संस्थापक ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से चाहे कितनी भी पाबंदियां लगाई जाएं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन और परिवहन व्यवस्था पर नजर
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित सीजेपी आंदोलन के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन सेवाओं का संचालन अहम मुद्दा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जहां नियंत्रित तरीके से सेवाएं चलाने और प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान पर विचार करने का सुझाव दिया है, वहीं सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। अब केंद्र सरकार के अगले कदम और प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की व्यवस्था पर नजर रहेगी।


