ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 16 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
बैलेट पेपर से मतदान की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन पर 16 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। विपक्षी गठबंधन अब इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी मांगों और आरोपों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।राहुल गांधी के अनुसार, राष्ट्रपति ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और विपक्ष से आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने न तो आरोपों को खारिज किया और न ही यह भरोसा दिलाया कि देश की चुनावी व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन सभी पुख्ता सबूत पेश करेगा और संवैधानिक तरीकों से अपनी लड़ाई जारी रखेगा।राहुल गांधी ने कहा, “हर संवैधानिक तरीके से लड़ेंगे। वोट चोरों को सजा होकर रहेगी।”
प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी के अलावा माकपा महासचिव एमए बेबी, राजद नेता मनोज झा, समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले सहित 10 नेता शामिल रहे।सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग भी उठाई।
सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई की तैयारी
राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद विपक्षी गठबंधन इस मामले को न्यायिक स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की योजना बना रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि वे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को संवैधानिक मंचों पर उठाएंगे। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने और विपक्ष की ओर से सबूत पेश किए जाने पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।



