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धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, 2027 से मदरसा अनुदान की बजट मद होगी समाप्त

बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्र के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के विषय पर भी चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, साहसिक पर्यटन, स्वास्थ्य, रोजगार, वित्तीय प्रशासन और भूमि अधिकारों से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे प्रमुख निर्णय वित्तीय वर्ष 2027 28 से अरबी फारसी मदरसों को अनुदान देने के लिए संचालित अलग बजट मद को समाप्त करने का रहा। इसके अलावा रिवर राफ्रिटंग एवं क्याकिंग नियमावली में संशोधन, श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मध्यान्ह भोजन, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए नई परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन और पिथौरागढ़ में तकनीकी संस्थान के विस्तार सहित कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने दी। कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027 28 से अरबी फारसी मदरसों को अनुदान देने वाली अलग बजट मद समाप्त करने को मंजूरी दे दी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था में केवल उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही नियमानुसार संचालित होंगे। इसके बाद पूर्व की अनुदान व्यवस्था उसी स्वरूप में लागू नहीं रहेगी। कैबिनेट ने पिथौरागढ़ के मढ़धुरा क्षेत्र में निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। इस भूमि पर एआईसीटीई के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक भवन, छात्रावास, संकाय आवास, खेल परिसर, सभागार और आधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड रिवर राफ्रिटंग एवं क्याकिंग संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई। संशोधित नियमों के तहत सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत पौड़ी जनपद के श्रीनगर क्षेत्र में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत रसोईघर से पका हुआ मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर में सुधार होगा। उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार के अनुसार इस निर्णय से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा क्योंकि वेतन का व्यय निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा। हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के दौरान होने वाले कार्यों की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य बड़े आयोजन के दौरान वित्तीय अनुशासन, गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। कैबिनेट ने उत्तराखंड वित्त सेवा संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी। संशोधन का उद्देश्य पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना तथा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक सुचारु और पारदर्शी बनाना है। राज्य के वित्तीय अनुश्रवण और लेखा परीक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पदों के सृजन के साथ कुछ पदों के उच्चीकरण और भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी दी गई। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत संचालित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के बेहतर संचालन के लिए सात पदों वाली परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन को स्वीकृति दी गई। सरकार का उद्देश्य विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना है। कैबिनेट में बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्र के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के विषय पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। समिति कानूनी, प्रशासनिक और वन संरक्षण से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। मंत्रिमंडल के इन निर्णयों को राज्य में शिक्षा, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, रोजगार, वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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