धर्म के रक्षक बताने वाले लोग चुप क्यों? राम मंदिर ट्रस्ट के धन और मंदिरों में चोरी के मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो: कुमारी सैलजा
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने राम मंदिर ट्रस्ट के धन के उपयोग और मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज राम मंदिर और अयोध्या की चर्चा तो हो रही है, लेकिन वहां एकत्र हुए धन का स्पष्ट हिसाब जनता के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि दूसरी ओर विभिन्न मंदिरों से सोना चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन इन मामलों पर भी सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सवाल किया कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाले और स्वयं को धर्म के रक्षक बताने वाले लोग आज इन मुद्दों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ मंदिरों में दान करते हैं। कोई एक रुपये चढ़ाता है तो कोई अपने गहने तक भगवान के चरणों में अर्पित करता है। ऐसे में यह सरकार की जिम्मेदारी है कि मंदिरों में प्राप्त धन और आभूषणों का पारदर्शी हिसाब जनता के सामने रखा जाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार “लूट-खसोट की सरकार” बन चुकी है और जनता का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने संसद में की थी, लेकिन अब ट्रस्ट के संचालन और धन के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि संघ परिवार ने 1990 के दशक से भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति की और लोगों की आस्था से जुड़े अभियान चलाकर धन एकत्र किया। उन्होंने कहा कि अब उसी धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई जनता के सामने आए।
