महिलाओं को मिली पिंक ई रिक्शा की सौगात, मुख्यमंत्री ने सौंपी चाबियां
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को टनकपुर के ऊंचौलीगोठ स्थित बूम क्षेत्र में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामोत्थान परियोजना ;रीपद्ध के अंतर्गत चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों की 10 लाभार्थियों को पिंक ई रिक्शा की चाबियां सौंपीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जय मां काली स्वयं सहायता समूह, थ्वालखेड़ा तथा ज्योति स्वयं सहायता समूह, बनबसा की 10 महिलाओं को ई रिक्शा की चाबियां सौंपकर इस परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। यह ई रिक्शा टनकपुर, बनबसा और मां पूर्णागिरि यात्रा मार्ग पर संचालित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलने के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल क्षेत्र में महिला उद्यमिता को नई पहचान दिलाएगी। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत प्रत्येक समूह को ई रिक्शा संचालन के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसमें छह लाख रुपये परियोजना अनुदान, तीन लाख रुपये बैंक ऋण तथा एक लाख रुपये समूह के अंशदान के रूप में शामिल है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती एवं अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मनोज कालकोटी ने भी रीप की लघु उद्यम योजना के अंतर्गत ओम स्वायत्त सहकारिता, टनकपुर को रिटेल आउटलेट की स्थापना तथा आशा स्वयं सहायता समूह, नायकगोठ और वैष्णो स्वयं सहायता समूह, देवीपुरा को सचल फूड वैन सह रेस्टोरेंट के संचालन के लिए कुल 18 लाख रुपये की परियोजना सहायता के चेक वितरित किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, परियोजना निदेशक अजय सिंह, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, ग्रामोत्थान परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक, सुमित कुमार, अतुल, हिमांशु, सुनील, सचिन, नीरज पंत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, रीप परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी, बैंक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और लाभार्थी उपस्थित रहे।
