खटीमा-नानकमत्ता बेल्ट में बढ़ते धर्मांतरण के मामले, मिशनरी नेटवर्क पर उठे सवाल
खटीमा/नानकमत्ता। सीमांत क्षेत्र खटीमा और नानकमत्ता एक बार फिर कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सामने आए आईटीबीपी की महिला जवान और उसके बच्चों के धर्मांतरण के मामले ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। आरोप है कि पति द्वारा महिला जवान पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया और बदले में आर्थिक लाभ का लालच दिया गया। मामले में पुलिस ने पति समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला जवान ने आरोप लगाया कि उसके पति और अन्य लोगों ने पहले रोजगार और आर्थिक मदद का लालच दिया, फिर धीरे-धीरे उसे चर्च गतिविधियों से जोड़कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि धर्म बदलने पर 2 लाख और प्रचार-प्रसार के लिए हर महीने 6000 नकद देने का वादा किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों के नाम बदलकर उन्हें चर्च ले जाया जाने लगा और विरोध करने पर मारपीट व मानसिक प्रताड़ना दी गई। मामले के सामने आने के बाद खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में कथित मिशनरी गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि सीमांत क्षेत्रों में लंबे समय से गरीब और बेरोजगार परिवारों को आर्थिक सहायता, इलाज, नौकरी और शिक्षा के नाम पर प्रभावित किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उधम सिंह नगर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें धर्म परिवर्तन के आरोप लगे। कई मामलों में पुलिस जांच हुई। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सटे सीमांत इलाकों में सक्रिय नेटवर्क पर भी समय- समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में जिले के कई इलाकों में कथित जबरन धर्मांतरण और लालच देकर धर्म बदलवाने के मामले प्रशासन के सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खटीमा-नानकमत्ता बेल्ट में बड़ी संख्या में प्रार्थना सभाएं और छोटे-छोटे चर्च तेजी से बढ़े हैं। आरोप यह भी लगाए जाते रहे हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता देकर धीरे-धीरे धार्मिक प्रभाव में लिया जाता है। हालांकि मिशनरी संगठनों की ओर से अक्सर इन आरोपों को निराधार बताया जाता रहा है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सीमांत क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों की गहराई से जांच क्यों नहीं हो पा रही। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि कथित धर्मांतरण नेटवर्क, फंडिंग और प्रचार गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। एसपी क्राइम ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध धर्मांतरण के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धर्म बदलने पर 2 लाख और प्रचार के लिए 6000 प्रतिमाह
खटीमा। क्षेत्र में धर्मांतरण का मुद्दा गर्माने लगा है। कई संगठनों ने इसे फ्सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान पर खतराय् बताया है, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक और आर्थिक असमानता से जोड़कर देख रहे हैं। पैसे देकर धर्मांतरण का यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। गरीब और बेरोजगार लोगों को लालच देकर ईसाई मिशनरी द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। अब धर्म बदलने पर 2 लाख और प्रचार के लिए 6000 प्रतिमाह देने का मामला सामने आया है। फिलहाल आईटीबीपी महिला जवान का मामला जांच के दायरे में है, लेकिन इस घटना ने खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में कथित धर्मांतरण गतिविधियों पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
