खंडूरी ने जनसेवा में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर दुख जताया
देहरादून। भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर प्रदेशभर में शोक की लहर है। लंबे समय से बीमार चल रहे खंडूरी का मंगलवार सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। उनकी पुत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतू खंडूरी ने उनके निधन की पुष्टि की।पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी भारतीय सेना में 35 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर उत्तराखंड और देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद खंडूरी ने जनसेवा में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति ने कहा कि देश और उत्तराखंड के विकास तथा सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जीवन तक खंडूरी का योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रेरणादायक रहा तथा देशभर में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए उनके प्रयास हमेशा याद किए जाएंगे।उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास, सुशासन और सैनिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में खंडूरी का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
