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आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन प्राथमिकताः धामी

देहरादून (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने अपने गठन के 25 वर्षों में राज्य की प्रगति में एक मजबूत स्तंभ की भूमिका निभाई है। देहरादून के गौरवशाली समारोह में उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती वर्ष-2026 के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री ने निगम के विकास की यात्र को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य की आर्थिकी और पारिस्थितिकी को एक साथ आगे ले जाने का जो दायित्व इस संस्था ने निभाया है, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर निगम के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले श्रमिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज जब हम रजत जयंती मना रहे हैं, तो हमें उन संघर्षों और उपलब्धियों को याद करना चाहिए जिन्होंने इस निगम को इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारा राज्य ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रहा है और उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में वन संपदा का संरक्षण और संवर्धन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तराखंड की पहचान यहाँ के घने वनों और हिमालयी पर्यावरण से है। हमारा लक्ष्य केवल विकास करना ही नहीं है, बल्कि ‘इकोनॉमी’ और ‘इकोलॉजी’ के मध्य एक ऐसा आदर्श संतुलन स्थापित करना है जो पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सके। वन विकास निगम ने वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से वनों का दोहन न कर उनका प्रबंधन किया है, जिससे पर्यावरण को हानि पहुँचाए बिना राज्य के राजस्व को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटलाइजेशन और ई-नीलामी जैसी व्यवस्थाओं से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और आमजन का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार श्रमिकों के कल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित है, क्योंकि वे ही इस व्यवस्था की असली ताकत हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगम की कार्यक्षमता को और अधिक आधुनिक बनाया जाए ताकि हम भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। उन्होंने आ“वान किया कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक है और इस सपने को साकार करने के लिए हर विभाग को अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वन विकास निगम केवल राजस्व अर्जित करने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं को स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि रजत जयंती का यह अवसर निगम को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि 25 साल का यह सफर केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि राज्य निर्माण के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निगम की उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया और उत्कृष्ट सेवा देने वाले कर्मियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल, प्रमुख सचिव वन आर के सुधांशु, सांसद नरेश बंसल,विधायक सविता कपूर, विधायक मोहन सिंह बिष्ट, विधायक सुरेश गड़िया, प्रबंध निदेशक श्रीमती नीना अग्रवाल, रंजन मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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