राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बजट सत्र शुरू
भराड़ीसैंण (उद संवाददाता)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से बजट सत्र का विधिवत शुभारंभ हो गया। विधानसभा बजट सत्र में प्रतिभाग करने से पूर्व उत्तराखण्ड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) को विधानसभा परिसर में पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।इस दौरान गार्ड ऑफ ऑनर की कमान पुलिस उपाधीक्षक अखिलेश कुमार द्वारा संभाली गई। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भी उपस्थित रहे। पांच दिवसीय सत्र में प्रदेश सरकार की ओर से यूसीसी समेत आठ से अधिक विधेयक व अध्यादेश सदन पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों व आयोगों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल ने अपने संबोधन में धामी सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने के साथ ही भविष्य की योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं का रोडमैप सदन के सामने रखा। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में अल्पसंख्यक कल्याण और आधुनिक शिक्षा पर जोर देते हुए घोषणा की कि मदरसा बोर्ड के स्थान पर अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है, ताकि अल्प संख्यक छात्रें को मुख्यधारा की आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा सके। समाज कल्याण की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 से 2026 के बीच 9-62 लाख से अधिक पेंशनरों के खातों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की गई है। पहाड़ों से पलायन रोकने और सीमांत क्षेत्रें में बसावट को प्राथमिकता देते हुए राज्यपाल ने बताया कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत चारधाम मार्गों पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तरकाशी वन प्रभाग में एशिया का पहला श्स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटरश् स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, मानव-वन्यजीव संघर्ष में राहत राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 1321 भूमिहीन परिवारों को पट्टðे आवंटित किए गए हैं। राज्य को तकनीक से जोड़ने की दिशा में राज्यपाल ने कहा कि आईटीडीए के अंतर्गत ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी प्रभाग’ स्थापित किया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रोत्साहित करेगा। डिजिटल उत्तराखंड पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को पारदर्शी बनाया गया है। शहरी निकायों में स्वच्छता के लिए स्ट्रीट लाइट मैनेजमेंट सिस्टम और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण पर जोर दिया गया है। साथ ही, 46,200 से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 75 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है।स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि देहरादून के हर्रावाला में 300 बेड के कैंसर और मेटरनिटी केंद्र का निर्माण गतिमान है। सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के लिए शगुन योजना के तहत 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। चिकित्सा पद्धति में भी अब एआई आधारित तकनीक का प्रयोग शुरू किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में एनईपी 2020 के तहत अधिकांश मानकों को लागू कर दिया गया है और 810 स्कूलों में 1585 स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य श्अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तिश् तक विकास पहुंचाना है। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के इस संबोधन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के संकल्पों को स्पष्ट कर दिया है।




